Rising Bharat Summit 2026 Live Updates: देश के लिए कुछ भी अच्छा हो, कांग्रेस को मिर्ची लगती है! पीएम मोदी का 'विरोध वाली राजनीति' पर करारा प्रहार

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देश के लिए कुछ भी अच्छा हो, कांग्रेस को मिर्ची लगती है! पीएम का करारा प्रहार

Last Updated:February 27, 2026, 21:01 IST

Rising Bharat Summit 2026 Live Updates: न्‍यूज18 राइजिंग भारत समिट-2026 के मंच से पीएम मोदी ने दुनिया की ट्रेड डील में दिलचस्पी को 'आत्मविश्वासी भारत' का उदय बताया. उन्होंने साफ किया कि अब भारत 'पॉलिसी पैरालिसि...और पढ़ें

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पीएम मोदी राइजिंग भारत समिट में पहुंचे.

Rising Bharat Summit 2026 Live Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राइजिंग भारत समिट’ के मंच से एक नए और आत्मविश्वासी भारत की हुंकार भरी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश अब ‘मानसिक गुलामी’ की बेड़ियों को तोड़ चुका है, जहां हम सिर्फ वैश्विक स्वीकृति का इंतजार करते थे. पीएम के अनुसार, विकसित देशों की भारत के साथ व्यापारिक समझौते करने की बढ़ती बेचैनी इस बात का प्रमाण है कि भारत अब दुनिया के लिए महज एक बाजार नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आर्थिक शक्ति बन चुका है. मोदी ने 2014 से पहले के ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ और ‘फ्रेजाइल-5’ के दौर को याद दिलाते हुए कहा कि अगर भारत आज भी उसी हताशा में होता, तो दुनिया हमारी तरफ मुड़कर भी नहीं देखती. पिछले 11 वर्षों की नई ऊर्जा और सुधारों ने भारत को रक्षात्मक मुद्रा से बाहर निकालकर ‘मजबूत सौदेबाजी’ (Position of Strength) की स्थिति में ला खड़ा किया है. यह बदलता वैश्विक आकर्षण भारत के पुनरुत्थान और उसके खोए हुए सामर्थ्य की वापसी की एक जीवंत तस्वीर है.

व्यवसाय और टेक्नोलॉजी जगत से दिग्गज निवेशक रमेश दमानी, डेविड टेट, टेक उद्यमी विशाल सिक्‍का और शशि शेखर वेम्‍पति जैसे वक्ता मंच साझा करेंगे. इन सत्रों में पूंजी प्रवाह, उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर चर्चा होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और समिट इन विषयों पर ठोस नीति सुझावों का मंच बन सकता है.

रणनीतिक विमर्श

अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से जॉर्ज यो, निक कार्टर, और कार्लोस एम. गुतेरेज जैसे वक्ता हिस्सा लेंगे. इनके साथ विभिन्न देशों के राजदूत ग्‍लोबल गवर्नेंस, सुरक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी पर अपने विचार रखेंगे. इन सत्रों में भू-राजनीतिक बदलाव, इंडो-पैसिफिक रणनीति, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्‍णव, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता भी विभिन्न सत्रों में शामिल होंगी. इनके संबोधन में व्यापार विस्तार, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल गवर्नेंस, एविएशन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं के बीच संवाद से निवेश, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर ठोस चर्चा की उम्मीद है.

February 27, 202620:59 IST

देश के लिए कुछ भी अच्छा हो, कांग्रेस को 'मिर्ची' लगती है! पीएम मोदी का 'विरोध वाली राजनीति' पर करारा प्रहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ‘नकारात्मकता’ की राजनीति में डूबा हुआ है. पीएम ने सिलसिलेवार ढंग से उन ऐतिहासिक फैसलों को गिनाया जिनका कांग्रेस ने विरोध किया, जिसमें नई संसद की इमारत, अशोक स्तंभ के शेर, कर्तव्य पथ और महिला आरक्षण शामिल हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सेना ने सर्जिकल और बालाकोट एयर स्ट्राइक की, तब भी कांग्रेस ने शौर्य पर सवाल उठाए. पीएम मोदी के अनुसार, अनुच्छेद 370 का खात्मा, तीन तलाक की समाप्ति और CAA जैसे सुधारों से लेकर ‘स्वच्छ भारत’ और ‘UPI’ जैसी जनहित की योजनाओं तक, कांग्रेस हर मोर्चे पर विकास की विरोधी रही. यहां तक कि कोरोना काल में स्वदेशी वैक्सीन पर भी भ्रम फैलाया गया. पीएम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की यह प्रवृत्ति देश के बढ़ते सामर्थ्य और गौरव को पचा न पाने की हताशा को दर्शाती है.

February 27, 202620:51 IST

हताशा छोड़ आत्मविश्वास से भरा भारत: पीएम मोदी बोले- '2014 वाली निराशा होती, तो कोई हमारी तरफ देखता भी नहीं'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राइजिंग भारत समिट’ में भारत के बदलते वैश्विक रसूख और आर्थिक आत्मविश्वास पर जोर देते हुए कहा कि देश अब ‘गुलामी की मानसिकता’ को पूरी तरह पीछे छोड़ चुका है. पीएम के अनुसार, आजादी के बाद लंबे समय तक भारत अंतरराष्ट्रीय तकनीकों की नकल करने और दुनिया से स्वीकृति पाने का इंतजार करता था, जो राजनीतिक से अधिक एक मानसिक गुलामी थी. आज की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित देश भारत के साथ ट्रेड डील (व्यापारिक समझौते) करने के लिए जिस तरह की उत्सुकता दिखा रहे हैं, वह दुनिया के लिए हैरानी का विषय है. भारत अब रक्षात्मक नहीं बल्कि अपनी शर्तों और मजबूती के साथ वैश्विक मंच पर बातचीत कर रहा है. पीएम ने स्पष्ट किया कि 2014 से पहले की हताशा और ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ के दौर से निकलकर अब भारत अपनी खोई हुई ऊर्जा और सामर्थ्य को वापस पा रहा है, जिसके कारण दुनिया की बड़ी शक्तियां भारत के साथ साझेदारी करने को आतुर हैं.

February 27, 202620:44 IST

विकसित देश भारत से ट्रेड डील करने में उत्‍सुक क्‍यों हैं? पीएम मोदी ने खुद बताई वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राइजिंग भारत समिट’ में विकसित देशों की भारत के साथ ट्रेड डील करने की उत्सुकता को नए भारत के आत्मविश्वास से जोड़ा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आज दुनिया भारत की ओर इसलिए देख रही है क्योंकि देश 2014 से पहले की ‘हताशा’ और ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ (नीतिगत अपंगता) के दौर से बाहर निकल चुका है. पीएम के अनुसार, अगर भारत आज भी ‘फ्रेजाइल-5’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता, तो कोई भी विकसित राष्ट्र हमसे हाथ मिलाने को तैयार नहीं होता. पिछले 11 वर्षों में आई नई ऊर्जा और सुधारों ने भारत को सामर्थ्यवान बनाया है. अब भारत केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक मजबूत आर्थिक शक्ति है, जिससे जुड़ना विकसित देशों की जरूरत बन गया है. यह वैश्विक आकर्षण भारत के ‘खोए हुए सामर्थ्य’ को वापस पाने की यात्रा का प्रमाण है.

February 27, 202620:40 IST

लोग लगा रहे थे नारे, पीएम मोदी तुरंत राइजिंग भारत समिट में बोले- 'इजरायल की हवा यहां भी पहुंच गई'

राइजिंग भारत समिट में पीएम मोदी के संबोधन की शुरुआत ही चर्चा में आ गई. जब कार्यक्रम में लोग पीएम मोदी के नाम के नारे लगाने लगे तो पीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘इजरायल की हवा यहां भी पहुंच गई है’. उनका इशारा इजरायल में हुए जोशीले स्वागत और वहां की ऊर्जा की तरफ था, जिसे महसूस किया था.

February 27, 202620:27 IST

राइजिंग भारत समिट में पहुंचे पीएम मोदी, पेश करेंगे 2047 का विजन

पीएम मोदी राइजिंग भारत समिट में शिरकत करने के लिए भारत मंडपम पहुंच गए हैं. न्‍यूज18 इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्‍टर राहुल जोशी ने उनका स्‍वागत किया. पीएम आज साल 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए रूपरेखा पेश कर सकते हैं.

February 27, 202619:53 IST

थोड़ी देर में राइजिंग भारत समिट में होंगे PM मोदी, पेश करेंगे 2047 का विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राइजिंग भारत समिट में शिरकत करने के लिए पहुंचने वाले हैं. वो इस मंच में देश के विकास की रूपरेखा पेश करेंगे. भारत को साल 2047 तक एक विकसित देश बनाने के संबंध में वो अपनी तैयारियों का रोडमैप इस मंच से पेश कर सकते हैं.

February 27, 202619:27 IST

हर 5 साल में एक शिकागो, भारत को बसाने होंगे 500 नए शहर, मिशन 2047 के लिए अमिताभ कांत का विजन

राइजिंग भारत समिट 2026 में नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक साहसी विजन साझा किया है. कांत के अनुसार भारत को 10 लाख की आबादी वाले 500 नए शहरों की आवश्यकता है. कांत ने इस चुनौती की तुलना ‘दो अमेरिका’ बसाने से की और जोर देकर कहा कि भारत को हर पांच साल में एक ‘शिकागो’ जैसा शहर खड़ा करना होगा. रोजगार के मोर्चे पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि कोविड के बाद कृषि पर निर्भरता 41.6% से बढ़कर 46% हो गई है.  कांत ने अगले 3-4 वर्षों में ईवी, सोलर और क्रिटिकल मिनरल जैसे उभरते क्षेत्रों में निर्यात-आधारित विनिर्माण विकास पर जोर दिया, जो बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का आधार बनेगा.

February 27, 202618:43 IST

'अब छोटे शहर बनेंगे 'विकसित भारत' का इंजन', प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य गौरव वल्लभ ने बताई वजह

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (PM-EAC) के सदस्य गौरव वल्लभ ने रोजगार और अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर अपनी बेबाक राय साझा की है. उन्होंने स्वीकार किया कि देश में रोजगार पैदा करना एक गंभीर मुद्दा है लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती नौकरी की गुणवत्ता है. वल्लभ के अनुसार, भारत ने कृषि क्षेत्र से सीधे सेवा क्षेत्र की ओर छलांग लगा दी जबकि मैन्युफैक्चरिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया जो व्यापक रोजगार का आधार बन सकता था. हालांकि, उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती निर्यात क्षमता को बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का सपना अब मेट्रो शहरों के बजाय टियर 2 और टियर 3 शहरों से पूरा होगा, जो भविष्य में विकास के मुख्य चालक बनेंगे.

February 27, 202618:07 IST

विकसित भारत का रोडमैप: नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत बोले- 9 गुना बढ़ानी होगी GDP, राज्यों को 30 साल तक चाहिए 10% ग्रोथ

नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने राइजिंग भारत समिट में देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है. कांत के अनुसार, भारत को अपनी जीडीपी में 9 गुना विस्तार करने की आवश्यकता है जिसके लिए बचत और निवेश दरों में भारी बढ़ोतरी अनिवार्य है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका निर्णायक होगी. राज्यों को अगले तीन दशकों तक लगातार 10% की विकास दर बनाए रखनी होगी. इसके अलावा, उन्होंने चीन की तुलना में भारत में ‘बिजनेस करने की उच्च लागत’ को एक बड़ी चुनौती बताया. कांत ने राज्यों से आह्वान किया कि वे निवेश आकर्षित करने और विकास का नेतृत्व करने के लिए ‘चैंपियन’ के रूप में उभरें और जमीनी स्तर पर संरचनात्मक सुधारों को गति दें.

February 27, 202617:13 IST

Rising Bharat Summit 2026 Live: 'वो बड़े नेता हैं मैं उन्‍हें कुछ नहीं कहूंगा', संघ पर देश तोड़ने के राहुल के आरोपों पर बोले सुनील आंबेकर

राइजिंग भारत समिट LIVE: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने राहुल गांधी द्वारा संघ पर लगाए गए “देश तोड़ने” के आरोपों पर एक बेहद सधा हुआ और वैचारिक जवाब दिया है. राहुल गांधी के आरोपों को दरकिनार करते हुए आंबेकर ने कटाक्ष किया कि “वे बड़े नेता हैं, मैं उनके बारे में क्या कह सकता हूँ।” अपनी बात पूरी करते हुए उन्‍होंने कहा कि संघ की कार्यप्रणाली किसी राजनीतिक दल के 5 साल के चुनावी चक्र पर आधारित नहीं होती बल्कि यह शताब्दियों के विजन के साथ चलने वाली एक ‘ऑर्गेनिक’ प्रक्रिया है। सुनील आंबेकर ने जोर देकर कहा कि संघ जमीन पर जाकर लोगों से सीधा संवाद करता है और समाज निर्माण के कार्य में जुटा है। 100 साल के सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज में परिवर्तन लाना है, जो किसी राजनीतिक हार-जीत से परे है।

February 27, 202617:09 IST

GCCs में AI की धूम! 65% केंद्रों ने शुरू किए पायलट प्रोजेक्ट, अब 'इंस्ट्रक्शन' नहीं 'प्रोडक्ट' पर फोकस

‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान एचसीएल टेक के किरण चेरुकुरी ने बताया कि भारत में 65% ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने एआई (AI) पायलट प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि GCCs की भूमिका अब बदल रही है; वे केवल निर्देशों का पालन करने के बजाय अब सीधे ‘प्रोडक्ट ओनरशिप’ ले रहे हैं, और एआई इस बदलाव को गति दे रहा है. वहीं, अरविंद मैया ने कुशल प्रतिभाओं (Skilled Talent) के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत में एक स्वतंत्र व्यवसाय चलाने के लिए ‘लीडरशिप डेप्थ’ यानी नेतृत्व की गहराई बहुत महत्वपूर्ण हो गई है. यह बदलाव दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक कंपनियों के लिए केवल सपोर्ट सेंटर नहीं, बल्कि नवाचार का मुख्य केंद्र है.

February 27, 202617:06 IST

रियल एस्टेट के 'सुपरस्टार' बने GCCs! करण विरवानी ने बताया- भारतीय कमर्शियल मार्केट में 40% हिस्सेदारी

‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान ‘GCCs Ahoy! All roads lead to India’ सत्र में वीवर्क इंडिया के सीईओ करण विरवानी ने भारतीय रियल एस्टेट और इनोवेशन पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए. विरवानी ने बताया कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) भारतीय कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार के सबसे बड़े चालक बनकर उभरे हैं, जिनकी बाजार में हिस्सेदारी 40% तक पहुंच गई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब भारत केवल बैक-एंड काम का केंद्र नहीं रहा, बल्कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई (AI) के दौर में वास्तविक आरएंडडी (R&D) और हाई-एंड फ्रंट ऑफिस कार्य यहीं की प्रतिभाओं द्वारा किए जा रहे हैं. नवाचार और उच्च-स्तरीय व्यावसायिक कार्यों के लिए वैश्विक कंपनियों की पहली पसंद अब भारत है.

February 27, 202617:05 IST

मैन्युफैक्चरिंग में गेमचेंजर बनेगा AI: मर्सिडीज-बेंज इंडिया के CEO संतोष अय्यर ने बताया भारत का 'बड़ा लीप'

‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यर ने भारतीय विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के भविष्य पर अहम विजन साझा किया. अय्यर ने कहा कि अब तक भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धा मुख्य रूप से सस्ते श्रम (Labour Cost) पर आधारित रही है, लेकिन अब समय बदल गया है. उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स भारत को एक ‘बड़ी छलांग’ (Big Leap) लगाने में मदद कर सकते हैं, जिससे हम विकास के कई पुराने चरणों को पीछे छोड़ते हुए सीधे आधुनिक तकनीक को अपना सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह सबसे सही समय है कि वे अन्य क्षेत्रों की तुलना में एआई और रोबोटिक्स को और भी अधिक तेजी से अपनाएं ताकि वैश्विक बाजार में भारत की ताकत को नई ऊंचाई दी जा सके.

February 27, 202617:04 IST

राइजिंग भारत में बोले राजीव मेमानी- AI की रेस में पिछड़ जाएंगी कई कंपनियां, R&D में निवेश जरूरी

‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान ईवाई इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की. मेमानी ने चेतावनी दी कि AI अपनाने की दौड़ में कुछ कंपनियां पीछे छूट जाएंगी, जबकि जो कंपनियां इसमें निवेश (Double down) करेंगी, वे ही सफल होंगी. उन्होंने विशेष रूप से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में बड़े बदलावों की भविष्यवाणी की. मेमानी ने भारतीय उद्योगों के लिए R&D (अनुसंधान और विकास) पर होने वाले कम खर्च को एक बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का ‘वित्तीयकरण’ तो तेजी से हुआ है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए कंपनियों को R&D के चारों ओर एक मजबूत सुरक्षा कवच (Moat) बनाने की जरूरत है. साथ ही, उन्होंने अगले 5-10 वर्षों में भारतीय कंपनियों के बड़े पैमाने पर विस्तार की अपार संभावनाएं भी जताईं.

February 27, 202616:58 IST

फैमिली बिजनेस से ग्लोबल फोर्स तक: प्रशांत रुइया ने बताया एस्सार ग्रुप की वैश्विक सफलता का मंत्र

राइजिंग भारत के ‘फैमिली बिजनेस टू ग्लोबल फोर्स’ सत्र में एस्सार (ESSAR) ग्रुप के मुख्य कार्यकारी प्रशांत रुइया ने समूह के भविष्य और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। रुइया ने कहा कि एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा परिवर्तन) उनके समूह के लिए एक प्रमुख थीम है। उन्होंने उल्लेख किया कि डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा चुने जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन की गति में कुछ कमी देखी गई है। हालांकि, उनका मानना है कि दुनिया अब उन हरित ऊर्जा (Green Energy) विकल्पों की ओर बढ़ रही है जो आर्थिक रूप से व्यावहारिक हैं।

एस्सार ग्रुप अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करते हुए ब्रिटेन (UK) में एक विशाल डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव कर रहा है। इसके तहत वहां 1 गीगावाट (GW) का डेटा सेंटर विकसित करने की योजना है। रुइया का यह विजन एस्सार को पारंपरिक ऊर्जा से भविष्य की तकनीक और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों की ओर ले जाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

February 27, 202615:56 IST

JFS CEO का बड़ा धमाका: अब AI बनेगा आपका 'डिजिटल मुनीम', 24x7 रखेगा पैसों का हिसाब

‘राइजिंग भारत’ समिट के ‘फ्यूचर ऑफ फाइनेंस’ सत्र में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) के सीईओ हितेश सेठिया ने वित्तीय सेवाओं के भविष्य का रोडमैप पेश किया. सेठिया ने स्पष्ट किया कि JFS अब पारंपरिक बैंकिंग से आगे बढ़कर एक AI-पावर्ड डिजिटल साथी के रूप में उभरेगा, जो हर ग्राहक के लिए 24×7 उपलब्ध रहेगा. कंपनी का मुख्य फोकस ‘हाइपर-पर्सनलाइजेशन’ पर है, जिसके तहत “वन-साइज-फिट्स-ऑल” मॉडल को खत्म कर दिया गया है. अब अलग-अलग वित्तीय प्रोफाइल वाले दो ग्राहकों को ऐप का होमपेज एक जैसा नहीं दिखेगा; हर यूजर को उसकी जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड इंटरफेस मिलेगा.

हितेश सेठिया ने एक ‘डिजिटल कमांड सेंटर’ की अवधारणा पेश की, जहाँ निवेश, भुगतान और वित्तीय योजना एक ही सुरक्षित छत के नीचे होंगे. इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म पर एआई के साथ-साथ ‘लाइव फाइनेंशियल एजेंट’ की सुविधा भी दी गई है, जो तकनीक और मानवीय भरोसे का संतुलन बनाती है. कंपनी ने कई दिग्गज वित्तीय ब्रांडों के साथ साझेदारी की है ताकि ग्राहकों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सर्वश्रेष्ठ उत्पादों का विस्तृत विकल्प मिल सके. यह विजन बैंकिंग को केवल लेनदेन तक सीमित न रखकर एक व्यक्तिगत अनुभव बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

February 27, 202615:45 IST

JFS लाएगा 'फाइनेंशियल फिटनेस स्कोर', CEO हितेश सेठिया ने बताया भविष्य का प्लान

जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) के सीईओ हितेश सेठिया ने कंपनी के भविष्य के विजन और ग्राहकों के लिए नई सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. हितेश सेठिया ने बताया कि JFS जल्द ही एक बेहद विशिष्ट ‘फाइनेंशियल फिटनेस स्कोर’ लॉन्च करने जा रहा है। यह स्कोर आपके वित्त के लिए एक ‘हेल्थ चेकअप’ की तरह काम करेगा. इसके माध्यम से ग्राहक अपने खर्चों, ऋण लेने की क्षमता, सुरक्षा के स्तर (बीमा), वेल्थ क्रिएशन और टैक्स अनुपालन का सटीक आकलन कर सकेंगे. इसके अतिरिक्त, कंपनी एक एक्सक्लूसिव मेंबरशिप प्रोग्राम भी लाने की तैयारी में है. इस प्रोग्राम के तहत, जेएफएस (JFS) अपने सदस्यों को लागत बचत का लाभ सीधे ‘वैल्यू बैक’ के रूप में प्रदान करेगा. इसका मतलब है कि सदस्य द्वारा किए गए हर ट्रांजैक्शन पर उन्हें विशेष लाभ और बचत मिलेगी, जो डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है.

February 27, 202613:37 IST

Rising Bharat Summit 2026 Live: भारत में ही होगा हाई-बैंडविड्थ मेमोरी का का उत्‍पादन

राइजिंग भारत समिट LIVE: केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी 2027 भारत में माइक्रोन टेक्नोलॉजी संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत स्थित माइक्रोन टेक्नोलॉजी प्लांट में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत करेंगे. यह संयंत्र लैपटॉप, कैमरा और अन्य उपकरणों में उपयोग होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी का निर्माण करेगा. वर्तमान में तीन अतिरिक्त सेमीकंडक्टर संयंत्र पायलट उत्पादन चरण में हैं. माइक्रोन के बाद दो और संयंत्र जल्द ही वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगे, जबकि चौथे संयंत्र के इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है.

February 27, 202612:33 IST

Rising Bharat Summit 2026 Live: हालात बदले तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील को री-बैलेंस किया जाएगा - पीयूष गोयल

राइजिंग भारत समिट LIVE: पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कहा है कि यह स्थिति लगातार बदल रही है और आने वाले समय में इसमें संशोधन संभव है. उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से कुछ टिप्पणियां की गई हैं और उसके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं. अगले सप्ताह शुल्क को 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है. गोयल ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर संवाद जारी है और यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो समझौते को पुनर्संतुलित किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका के साथ होने वाले इस व्यापार समझौते में कई सकारात्मक पहलू हैं. उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के आधार पर तय होते हैं और भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ेगा.

February 27, 202612:19 IST

Rising Bharat Summit 2026 Live: गोल्‍ड पर इतना फोक्‍स क्‍यों?

राइजिंग भारत समिट LIVE: भारत में गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) युवा आबादी के लिए तेजी से एक आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में उभर रहे हैं. यह बात वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ डेविड टैट ने कही. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सोने में निवेश मांग बढ़ी थी और उन्हें उम्मीद है कि वैश्विक स्तर पर मांग मजबूत बनी रहेगी. टैट ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि केंद्रीय बैंक सोना खरीदना जारी रखेंगे.’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में केंद्रीय बैंक अपने पश्चिमी समकक्षों की बराबरी करने के लिए आंशिक रूप से अपने स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी कर रहा है. टैट ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक प्रमुख कारण बनी हुई है. हालांकि, उन्होंने सावधानी भी जताई. उनके अनुसार, यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उच्च जीडीपी वृद्धि के साथ मध्यम महंगाई दर हासिल करने में सफल रहते हैं, तो सोने की कीमतें संभावित रूप से गिरावट के दौर में जा सकती हैं. वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल निवेश संपत्ति के रूप में सोने में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है. टैट ने कहा कि भविष्य में निवेश प्रवाह का बड़ा हिस्सा ईटीएफ के जरिए आने की संभावना है, वहीं दुनिया भर में सोना-समर्थित स्टेबलकॉइन और टोकनाइज्ड गोल्ड उत्पादों में भी रुचि बढ़ रही है. हालांकि, भारत में निवेशकों के लिए अभी भी ईटीएफ ही पसंदीदा माध्यम बने हुए हैं.

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

February 27, 2026, 09:20 IST

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