Property Knowledge : बिना ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट देखे न लें मकान का पजेशन, बिल्‍डर कर जाएगा खेल, फंसेंगे आप

2 hours ago

Last Updated:March 17, 2026, 12:56 IST

What is Occupancy Certificate : क्‍या आप भी फ्लैट या मकान का पजेशन लेने जा रहे हैं तो जरा रुकिए और अपने बिल्‍डर से पहले ऑक्‍यूपेशन सर्टिफिकेट की डिमांड कीजिए. अगर बिना ओसी के ही आपने मकान का पजेशन ले लिया तो फिर आप मुसीबत में फंस सकते हैं. हो सकता है आपका पैसा भी चला जाए आपको रहने के लिए मकान भी न दिया जाए, क्‍योंकि बिना ओसी के सरकारी एजेंसी आपको आपके ही मकान से बाहर निकाल सकती है.

बिना ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट देखे न लें पजेशन, बिल्‍डर कर जाएगा खेल, फंसेंगे आपZoom

बिना ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट वाले मकान का पजेशन लेना कई जोखिम पैदा करता है.

नई दिल्‍ली. नोएडा एक्‍सटेंशन से एक खबर आई कि वहां एक बिल्‍डर ने बिना ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्‍त किए ही मकान खरीदारों को पजेशन दे दिया है. खरीदार तो इस बात से खुश हो गए कि उन्‍हें अपना मकान मिल गया है. लेकिन, कुछ ही दिनों बाद उनकी खुशी तब काफूर हो गई जब अथॉरिटी से नोटिस आया कि अभी इस बिल्डिंग का ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिला है और यहां रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. अब मकान खरीदार पैसे देकर भी बिल्‍डर की चालबाजी का शिकार हो गए और खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. अगर आप भी मकान का पजेशन लेने जा रहे तो इस डॉक्‍यूमेंट की अहमियत जरूर समझ लीजिए.

सबसे पहले बात करते हैं कि आखिर ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) क्‍या बला है और क्‍यों मकान खरीदारों के लिए यह इतना जरूरी हो जाता है. दरअसल, किसी भी बिल्डिंग को तैयार होने के बाद संबंधित विकास प्राधिकरण अथवा निगम या अन्‍य किसी सरकारी एजेंसी से उसका ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है. यह प्रमाणपत्र एक काननूी दस्‍तावेज है, जो प्रमाणित करता है कि अमुक मकान या बिल्डिंग पूरी तरह नियम के तहत बनाई गई है और इसमें सभी मानकों का पालन किया गया है. सरकारी एजेंसी के ओके करने के बाद ही इस बिल्डिंग को खरीदारों को सौंपा जाना चाहिए. लेकिन, कई बिल्‍डर इसमें धोखा कर जाते हैं और खामियाजा खरीदार को भुगतना पड़ता है.

क्‍या बताता है ओसी दस्‍तावेज

ओसी डॉक्‍यूमेंट यह सुनिश्चित करता है कि बिल्डिंग को सरकारी एजेंसी की ओर से स्‍वीकृत कराए गए प्‍लान के हिसाब से बनाया गया है. इसके निर्माण में नेशनल बिल्डिंग कोड, सुरक्षा मानक जैसे फायर सेफ्टी और निर्माण से जुड़ी सुरक्षा का भी ख्‍याल रखा गया है. बिल्डिंग के निर्माण में पर्यावरण के नियमों, ड्रेनेज और सीवरेज सिस्‍टम सहित अन्‍य सभी मंजूरियां भी ली गई हैं. आखिर में यह सर्टिफिकेट सुनिश्चित करता है कि संबंधित मकान या बिल्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है और यह लोगों के रहने लायक बन गई है.

ओसी और सीसी में न हों कंफ्यूज
कई मकान खरीदार इस बात को लेकर असमंजस में आ जाते हैं कि बिल्‍डर ने उन्‍हें कम्‍पलीशन सर्टिफिकेट यानी सीसी पकड़ा दिया है तो ओसी की जरूरत नहीं है. लेकिन, आपको यह समझना होगा कि सीसी सिर्फ मकान के निर्माण की पुष्टि करता है. यह दस्‍तावेज भी सरकारी एजेंसी की ओर से जारी किया जाता है जो बिल्डिंग का निर्माण पूरा होने की पुष्टि करता है, लेकिन यह बिल्डिंग रहने लायक है, इसकी पुष्टि ओसी के जरिये ही होती है. लिहाजा मकान खरीदारों को दोनों ही सर्टिफिकेट की डिमांड पजेशन लेने से पहले करनी चाहिए.

बिना ओसी पजेशन लिया तो क्‍या होगा
सबसे पहले तो आप यह समझिए कि पजेशन के लिए ओसी का होना जरूरी है. रेरा कानून के तहत बिना ओसी के पजेशन पूरी तरह अवैध माना जाता है. ऐसे में इमारत को गैर कानूनी भी करार दिया जा सकता है और उसमें रहने वालों को सरकारी एजेंसी बाहर निकाल सकती है. अगर इमारत में आग लग गई या फिर लिफ्ट गिरने अथवा अन्‍य किसी कारण से दुर्घटना होती है तो बिना ओसी वाली बिल्डिंग में रहने वाले इसके लिए मुआवजे के हकदार नहीं माने जाएंगे. इसके अलावा अथॉरिटी बिल्‍डर और मकान में रहने वालों पर जुर्माना भी लगा सकती है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

March 17, 2026, 12:56 IST

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