India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा के बाद दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसकी वजह ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा जारी किया गया भारत का नक्शा है. इस नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) समेत पूरा जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. भले ही यह नक्शा चुपचाप जारी किया गया हो, लेकिन इसने सोशल मीडिया और कूटनीतिक हलकों में खूब चर्चा बटोरी है.
अक्साई चीन को भी दिखाया गया भारत का हिस्सा
व्यापार समझौते से जुड़े दस्तावेजों में शामिल इस नक्शे को भारत के क्षेत्रीय दावों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें, भारत हमेशा से कहता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और इसके लिए किसी देश की मंजूरी जरूरी नहीं है. फिर भी, अमेरिका की ओर से ऐसा नक्शा जारी किया जाना उसके पुराने रुख से बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
From tree nuts and dried distillers’ grains to red sorghum and fresh and processed fruit, the U.S.-India Agreement will provide new market access for American products. pic.twitter.com/mqpP10LJp1
— United States Trade Representative (@USTradeRep) February 6, 2026
बता दें, अब तक अमेरिका के विदेश विभाग और दूसरी एजेंसियां अपने नक्शों में PoK को अलग तरह से दिखाती थीं, ताकि पाकिस्तान की आपत्तियों से बचा जा सके. लेकिन ट्रंप प्रशासन के इस कदम ने साफ तौर पर पाकिस्तान के दावों को खारिज कर दिया है. यह बदलाव ऐसे समय पर आया है जब भारत और अमेरिका अपने व्यापारिक और रणनीतिक रिश्तों को नए सिरे से मजबूत कर रहे हैं.
इसका समय भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले ही व्यापार को लेकर मतभेद बढ़ने पर अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही थी. साथ ही, ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को एक ही श्रेणी में रखने के संकेत दिए थे, जिससे दोनों देशों को अलग-अलग देखने की अमेरिकी नीति पर सवाल उठे थे.
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बता दें, नक्शे में अक्साई चीन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है. यह इलाका भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. चीन इस क्षेत्र पर दावा करता है, जबकि भारत इसे अपनी जमीन मानता है. अमेरिका का यह कदम चीन के लिए भी एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है.
बता दें, भारत का विदेश मंत्रालय पहले भी कई बार अमेरिका और अन्य देशों द्वारा जारी नक्शों में भारत की सीमाओं को गलत दिखाए जाने पर आपत्ति जताता रहा है. जानकारों का कहना है कि इस बार अमेरिका ने भारत की इस चिंता को गंभीरता से लिया है.
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इस बीच आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान की कूटनीति काफी सक्रिय रही है. सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने कई बार अमेरिका का दौरा किया और राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात भी की. इसके बावजूद अमेरिकी नक्शे में भारत का यह मजबूत पक्ष दिखना अहम संकेत माना जा रहा है.
रक्षा जानकारों का मानना है कि यह नक्शा सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि एक साफ कूटनीतिक संदेश है. इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका मौजूदा दौर में भारत के साथ रिश्तों को ज्यादा महत्व दे रहा है और क्षेत्रीय मुद्दों पर उसका नजरिया बदल रहा है.

2 hours ago
