Last Updated:March 13, 2026, 15:07 IST
Parliament Session Live: संसद सत्र में हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे फिर दोपहर दो बजे और उसके बाद सोमवार तक स्थगित कर दी गई. विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी की है. 193 सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं.

Parliament Session Live: संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हुआ. इस कारण लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. जब सदन 12 बजे दोबारा शुरू हुआ तब फिर से हंगामा होने लगा. इस कारण सदन दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया गया. दोपहर 2 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद कई विधेयक पास किए गए. इसमें द एप्रोप्रिएशन बिल 2026 पास हुआ. इसके बाद शाम करीब तीन बजे सदन की कार्यवाही सोमवार तक लिए स्थगित कर दी गई. हालांकि राज्यसभा ने कार्यवाही चल रही थी.
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और देश में एलपीजी संकट के मसले पर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा हैं. इस कारण वह हंगामा कर रहा है. इस बीच लोकसभा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए विपक्ष ने दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है. इस संबंधित नोटिस पर लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 सांसदों सहित कुल 193 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं.
सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यह नोटिस शुक्रवार को संसद के कम से कम एक सदन में पेश किया जा सकता है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पहले लोकसभा में आएगा या राज्यसभा में. एक विपक्षी नेता ने बताया कि सांसदों में इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने के लिए जबरदस्त उत्साह था. कई सांसद गुरुवार को भी आगे आए और हस्ताक्षर किए, जबकि जरूरी संख्या पहले ही पूरी हो चुकी थी.
CEC को हटाने के क्या हैं नियम
नियमों के मुताबिक लोकसभा में CEC को हटाने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए, जबकि राज्यसभा में 50. नोटिस पर इंडिया ब्लॉक की सभी पार्टियों के सांसदों ने साइन किया है, जिसमें AAP भी शामिल है, भले ही वो अब आधिकारिक तौर पर विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है. यह इतिहास में पहली बार है जब किसी CEC के खिलाफ उन्हें हटाने का नोटिस पेश किया जा रहा है. नोटिस में CEC के खिलाफ सात आरोप लगाए गए हैं. इनमें कार्यालय में पक्षपाती और भेदभावपूर्ण आचरण, चुनावी धांधली की जांच में जानबूझकर बाधा डालने और बड़े पैमाने पर मतदाताओं का मतदान से वंचित करना शामिल हैं. विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने कई मौकों पर सत्तारूढ़ दल भाजपा की मदद की, खासकर वर्तमान स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ऑफ इलेक्टोरल रोल्स में.
About the Author
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
March 13, 2026, 11:11 IST

1 hour ago
