Parliament Session Live: ईरान संकट; अमित शाह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मंत्री समूह का गठन, सरकार देगी जवाब

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ईरान संकट; शाह के नेतृत्व में 3 सदस्यीय मंत्री समूह का गठन, सरकार देगी जवाब

Last Updated:March 12, 2026, 14:41 IST

Parliament Session: लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज होने के बाद गुरुवार को ओम बिरला चेयर पर विराजमान हुए. उन्होंने सदन की चेयर संभालने के बाद उन्होंने कहा कि मैंने सदन के नियमों का पालन किया और सबको बोलने का मौका दिया.

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अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद ओम बिरला चेयर पर लौटे.

Loksabha Session: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया. इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत (Voice Vote) से खारिज कर दिया गया. पिछले चार दशकों में यह पहली बार था जब किसी स्पीकर को पद से हटाने के लिए ऐसा प्रस्ताव लाया गया. गुरुवार यानी कि 12 मार्च को ओम बिरला फिर से सदन में लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हुए. हालांकि, सदन की शुरु होते ही हंगामे की वजह से दिन के बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

Parliament Session Live Update:-

ईरान संकट के गहराते साये के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, जिसके मद्देनजर अब चार मंत्रालयों की महत्वपूर्ण जॉइंट ब्रीफिंग शाम 5:30 बजे आयोजित की जाएगी. इस पूरे संकट पर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय मंत्री समूह पैनी नजर बनाए हुए है, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी शामिल हैं. यह पावरफुल समूह अब तक कई दौर की रणनीतिक बैठकें कर चुका है. आने वाले समय में ये तीनों मंत्रालय अन्य संबंधित विभागों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा एवं ऊर्जा हितों की रक्षा के लिए समन्वय स्थापित करेंगे. लंच के बाद पार्लियामेंट फिर से शुरू हुई. ब्रेक के बाद लोकसभा और राज्यसभा फिर से शुरू हुईं. राज्यसभा में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSCs), टूरिज्म और आर्कियोलॉजी, और कम्युनिकेशन कनेक्टिविटी पर चर्चा होनी है. लोकसभा में वोटिंग से पहले ग्रांट की सप्लीमेंट्री डिमांड पर चर्चा हुई. सदन का नेता हो या विपक्ष का नेता या कोई भी मंत्री, नियम से चलना होगा- ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि चाहे सदन का नेता हो या विपक्ष का नेता या कोई भी मंत्री, सभी को नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सदन में बोलने का अधिकार है. कुछ लोगों का मानना ​​था कि विपक्ष का नेता हमेशा बाकियों से ऊपर रहा है और किसी भी विषय पर बोल सकता है; किसी को यह विशेष अधिकार नहीं है. ‘किसी भी माइक को चालू या बंद करने के लिए चेयर के पास कोई बटन नहीं है’: स्पीकर ओम बिरला
स्पीकर ओम बिरला ने अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मेंबर के माइक को अपनी मर्ज़ी से कंट्रोल करने और अपोज़िशन के माइक बंद करने के आरोपों पर बात करते हुए कहा कि चेयर के पास माइक को कंट्रोल करने के लिए कोई बटन नहीं है. उन्होंने कहा कि मेंबर तभी बोल सकते हैं जब उनकी बारी हो. अपोज़िशन की महिला MPs के विरोध के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला संसद की गरिमा की रक्षा के लिए किया, जब MPs प्लेकार्ड लेकर ट्रेजरी बेंच पर चढ़ गए. स्पीकर ओम बिरला ने कल अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बात की.  उन्होंने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि वह पार्लियामेंट में संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे. इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है. बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी. उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी LPG गैस सिलेंडर की देश भर में कमी की खबरों को लेकर संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. यहां देखिए वीडियो-

#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi joins Opposition protest staging a protest in the Parliament premises over the reports of nationwide shortage of LPG gas cylinders pic.twitter.com/DbpU45ecsu

अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद ओम बिरला फिर से सदन की चेयर पर विराजमान हुए हैं. उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा मैंने हमेशा हर सदस्य को अवसर प्रदान किया. मैंने प्रयास किया अंतिम व्यक्ति की आवाज ये सदन बने. मैंने चैंबर में बुलाकर भी सदस्यों से संवाद किया. मैंने सदन के नियम के बाहर जाकर किसी को मौका नहीं दिया. नेशनल कॉन्फ्रेंस के मिस्टर रमजान ने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला पर हमले के समय पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया. उन्होंने पूछा, ‘पुलिस कहां थी?’ जवाब में, BJP के गुलाम अली ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने कश्मीर को कब्रिस्तान बना दिया है. उन्होंने गरीब कश्मीरियों को बंदूक की नोक पर रखा है.’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार और गुरुवार की दरम्यान रात में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले पर सवाल उठाए. राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हमले का मुद्दा उठाया. उन्होंने जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाया, जबकि सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों ने विरोध में नारे लगाए. अब्दुल्ला पर हुए हमले पर विपक्ष के नेता खड़गे के सवाल का जवाब देते हुए जे.पी. नड्डा ने कहा कि वे इस घटना को राजनीतिक रंग न दें. उन्होंने कहा कि भारत सरकार यह पक्का करेगी कि हमलावर को सजा मिले. उन्होंने कहा कि इस घटना को जम्मू और कश्मीर के राज्य के मुद्दे से नहीं जोड़ा जा सकता. गुरुवार को लोकसभा 12 बजे के लिए स्थगित कर दी गई है. दरअसल, गुरुवार को सदन शुरु होते ही
विपक्षी सदस्यों ने विरोध में नारा लगाते हुए सदन में हंगामा करने लगे. सत्र शुरू होते ही लोकसभा दोपहर 12:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. लोकसभा में हंगामे और भारतीय जनता पार्टी के हमले पर जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा सिर्फ़ एक पार्टी को नहीं, बल्कि पूरे देश को रिप्रेजेंट करती है. उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार लोअर हाउस में बोलने से रोका गया. राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस के दौरान बीजेपी एमपी रविशंकर प्रसाद को जवाब देते हुए ये बात कही.

विपक्ष द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 13 घंटे की लंबी बहस चली, जिसका समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के साथ हुआ. शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि स्पीकर किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे सदन का संरक्षक होता है. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब संसद का सत्र चलता है, तब वे अक्सर विदेश दौरों पर होते हैं और बाद में बोलने का मौका न मिलने का झूठा प्रचार करते हैं. बहस के दौरान विपक्षी सांसदों ने अमित शाह की टिप्पणियों का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की. सभापति जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव को खारिज करने की घोषणा की.

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें

First Published :

March 12, 2026, 11:20 IST

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