OMG! सीकर में भाई ने भरा 1 करोड़ का मायरा, 500-500 के नोटों की 102 गड्डियां और 21 लाख का सोना-चांदी देख सब हैरान

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Last Updated:March 12, 2026, 14:33 IST

Sikar 1 crore Mayra: राजस्थान के सीकर जिले में मायरा परंपरा का भव्य नजारा देखने को मिला, जहां एक भाई ने बहन के घर करीब 1 करोड़ रुपए का मायरा भरा. मायरे में 500-500 रुपए के नोटों की 102 गड्डियां और करीब 21 लाख रुपए का सोना-चांदी शामिल था. इस भव्य मायरे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. राजस्थान में मायरा भाई-बहन के स्नेह और परंपरा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इतने बड़े मायरे ने सभी को हैरान कर दिया.

Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले के रानोली क्षेत्र में भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला है. यहां भरथा वाली कोठी के यादव परिवार ने अपनी बहन के घर करीब एक करोड़ रुपए का मायरा (भात) भरा है. यह सीकर जिले के अब तक के सबसे बड़े मायरे में से एक है. मायरे में 51 लाख रुपए नकद, करीब 21 लाख रुपए की ज्वेलरी के साथ कपड़े और अन्य उपहार भी दिए गए है. इतनी बड़ी रकम का यह मायरा अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया.

जानकारी के अनुसार कुंडलपुर में रहने वाली बहन मोहिनी देवी के बेटे डॉ. मनोज की शादी के अवसर पर 10 मार्च को मायरे की रस्म निभाई गई. इस दौरान रानोली क्षेत्र के भरथा वाली कोठी निवासी मामा कैलाश जादम अपने भाइयों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बहन के घर मायरा लेकर पहुंचे. अगले दिन 11 मार्च को दूल्हे डॉ. मनोज की शादी झुंझुनूं जिले के बाय गांव की डॉ. अंजलि के साथ संपन्न हुई.

500-500 रुपए के नोटों की 102 गड्डियां
दूल्हे के मामा कैलाश यादव ने बताया कि मायरे में 51 लाख रुपए नकद दिए गए, जिसमें 500-500 रुपए के नोटों की 102 गड्डियां शामिल थीं. इसके अलावा करीब 21 लाख रुपए की ज्वेलरी और कपड़े सहित अन्य उपहार भी दिए गए. कुल मिलाकर मायरे की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए के आस पास रही. परिवार के मुताबिक दूल्हे के तीन मामा हैं, जिनमें सबसे बड़े नारायण जादम गांव में रहते हैं, जबकि दूसरे नंबर के मामा कैलाश यादव परिवार सहित दुबई में रहते हैं और तीसरे नंबर के मामा छोटूराम जादम भी गांव में ही निवास करते हैं. कैलाश और छोटूराम जादम प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करते हैं.

माता-पिता से किया था वादा 
कैलाश यादव ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता से वादा किया था कि वे बहनों के लिए अपनी क्षमता से बढ़कर सहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि भांजे-भांजी की शादी में अच्छा मायरा भरना तीनों भाइयों की सामूहिक सोच थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बहन मोहिनी देवी ने बचपन से ही तीनों भाइयों को भरपूर साथ दिया ख्याल रखा, इसलिए यह मायरा उनके प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक है. दूल्हे के पिता मदन खातोदिया, जिनकी पलसाना में कपड़ों की दुकान है. उन्होंने कहा कि बदलते दौर में समाज में बहन-बेटियों को भी उतना ही सम्मान दिया जा रहा है, जो एक सकारात्मक सोच का संकेत है.

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Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion...और पढ़ें

Location :

Sikar,Rajasthan

First Published :

March 12, 2026, 12:33 IST

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