Last Updated:March 14, 2026, 10:49 IST
Ravi Kumar Sihag IAS Cadre Transfer: लोकप्रिय आईएएस अधिकारी रवि कुमार सिहाग का मध्य प्रदेश कैडर से एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर में ट्रांसफर हो गया है. आईएएस इशिता राठी से शादी के बाद 'मैरिज ग्राउंड' के आधार पर यह फैसला लिया गया है. जानिए आईएएस कैडर बदलने के नियम.

नई दिल्ली (Ravi Kumar Sihag IAS Cadre Transfer). इश्क और प्रशासन जब मिलते हैं तो नियम भी राह आसान कर देते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ है देश के 2 सबसे चर्चित युवा आईएएस अधिकारियों के साथ. यूपीएससी में AIR 18 हासिल करने वाले रवि सिहाग और रैंक 8 वाली इशिता राठी न केवल जीवन के सफर में हमसफर हैं, बल्कि अब उनका प्रशासनिक सफर भी एक ही कैडर की पटरियों पर दौड़ेगा. मैरिज ग्राउंड के आधार पर आईएएस रवि सिहाग को मध्य प्रदेश से AGMUT कैडर में ट्रांसफर मिल गया है.
आईएएस अधिकारियों के बीच कैडर ट्रांसफर की प्रक्रिया प्रशासनिक गलियारों में हमेशा चर्चा का विषय रहती है. रवि सिहाग ने शादी के बाद अपनी पत्नी इशिता राठी के कैडर में जाने का विकल्प चुना था. इशिता राठी खुद मेधावी आईएएस अधिकारी हैं और दिल्ली पुलिस के परिवार से ताल्लुक रखती हैं. कैडर ट्रांसफर के बाद अब यह प्रशासनिक जोड़ा दिल्ली या एजीएमयूटी के अंतर्गत आने वाले अन्य क्षेत्रों में एक साथ काम कर सकेगा. इससे उन्हें पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाने में मदद मिलेगी.
IAS रवि सिहाग और इशिता राठी की रैंक और प्रोफाइल
आईएएस रवि कुमार सिहाग राजस्थान के रहने वाले हैं और उन्होंने यूपीएससी 2021 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की थी. वे हिंदी माध्यम के टॉपर के तौर पर जाने जाते हैं. वहीं इशिता राठी की ऑल इंडिया रैंक 8 थी. दोनों ही 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. आईएएस ट्रेनिंग के दौरान और बाद में अपनी कार्यशैली के कारण दोनों की बड़ी फैन फॉलोइंग तैयार हो गई है.
Ravi Sihag IAS Transfer: आईएएस रवि सिहाग और आईएएस इशिता राठी पोस्टिंग
आईएएस कैडर ट्रांसफर से पहले रवि सिहाग मध्य प्रदेश में पोस्टेड थे. वहां उन्होंने सहायक कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. वहीं आईएएस इशिता राठी को शुरू से ही एजीएमयूटी कैडर मिला था. ट्रांसफर के बाद रवि सिहाग की पोस्टिंग दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी या एजीएमयूटी के किसी भी केंद्र शासित प्रदेश में हो सकती है.
क्या हैं आईएएस कैडर ट्रांसफर के नियम?
अखिल भारतीय सेवा (AIS) के नियमों के अनुसार, इंटर कैडर ट्रांसफर केवल खास परिस्थितियों में ही संभव है. दो सिविल सेवा अधिकारियों के बीच विवाह इसका सबसे सामान्य आधार है. नियम 5(2) के तहत, अगर दो आईएएस अधिकारी आपस में विवाह करते हैं तो उनमें से एक अपने जीवनसाथी के कैडर में ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकता है. हालांकि, नियम यह भी कहता है कि कोई भी अधिकारी अपने ‘होम स्टेट’ (गृह राज्य) में ट्रांसफर नहीं ले सकता.
ट्रांसफर की प्रक्रिया और चुनौतियां
कैडर ट्रांसफर के लिए संबंधित राज्य सरकारों (इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होता है. इसके बाद केंद्र सरकार का DoPT अंतिम मुहर लगाता है. रवि सिहाग के मामले में दोनों राज्यों और केंद्र की सहमति के बाद ही यह नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इस तरह के बदलाव से प्रशासनिक काम सही से चलते रहते हैं और अधिकारियों को फैमिली स्टेबिलिटी भी मिलती है.
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With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
March 14, 2026, 10:49 IST

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