Latest Study on Discovery of Gold: सोना दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में से एक है. अधिकतर लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को रखना पसंद करते हैं. इसका इस्तेमाल केवल जेवरात ही नहीं बल्कि कई कामों में होता है. यहां तक कि स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में भी सोना यूज किया जाता है. इतनी डिमांड होने के बावजूद दुनिया में सोने की सप्लाई बेहद कम है. कुछ ही देश ऐसे हैं, जो सोने के भंडार कहे जाते हैं. बाकी देश उन्हीं से सोना खरीदते हैं. इसके बावजूद अभी तक कोई स्पष्ट नहीं कर पाया है कि दुनिया में कुल कितना गोल्ड मौजूद है.
क्या बंजर रेगिस्तान में भी गोल्ड मिल सकता है?
आज की मॉडर्न साइंस के मुताबिक, धरती के किसी भी कोने में सोना मौजूद हो सकता है. तो क्या बंजर रेगिस्तान में भी गोल्ड मिल सकता है. इस सवाल का जवाब गोल्ड माइनिंग पर सामने आई एक रिपोर्ट देती है. यह नई रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोने के ज्ञात-अज्ञात भंडार रेगिस्तानी इलाके में ही हैं. फिर चाहे वो भारत का थार रेगिस्तान हो, अफ्रीका का सहारा मरुस्थल या फिर पश्चिम एशिया के सैंड डेजर्ट्स.
वैज्ञानिकों की इस मान्यता पर बड़ी मुहर सऊदी अरब के रेगिस्तान में लगी. जहां एक रिसर्च के दौरान पूरे अरब जगत के सबसे बड़े स्वर्ण भंडार का पता चला. सऊदी अरब के रेगिस्तान में सोने का ये भंडार दो से ढाई सौ मीट्रिक टन का हो सकता है.
4 स्वर्ण भंडार, मालामाल हुआ सऊदी अरब!
सऊदी अरब की सरकारी खनन कंपनी के मुताबिक, हाल ही में हुई टारगेटेड ड्रिलिंग और मैपिंग के दौरान जिन चार इलाकों में सोने के बड़े भंडार की पहचान हुई है. उनमें मंसूराह मस्साराह, उरुक 20/21, उम्म अस सलाम और वादी अल जॉ शामिल हैं. कंपनी के मुताबिक, यहां पर करीब 221 टन सोना है. जो चार बड़े एरिया में मौजूद माइनिंग साइट्स और कुछ नई जगहों पर मिला है.
दिलचस्प ये भी है कि सोने का इतना बड़ा भंडार उन रेगिस्तानी इलाकों में मिला है, जहां तेल के सबसे ज्यादा बड़े और गहरे कुएं हैं. सऊदी अरब के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रेगिस्तान के अरेबियन शील्ड कई कीमती धातुओं और खनिजों से भरा हुआ है.
221 मिट्रिक टन सोना मिलने का मतलब सऊदी अरब के गोल्ड रिजर्व में 70 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी होना है. सऊदी अरब पहले से ही सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व वाला अरब देश है. अब इस नए गोल्ड माइन्स के साथ अब ये दुनिया के टॉप 10 स्वर्ण भंडार वाले देशों में शुमार हो जाएगा.
चट्टानों से कैसे निकाला जाता है सोना?
रेगिस्तान, गहराई और सोने की बेहद ही मुश्किल खुदाई. ये सब-कुछ मिलकर ही सोने को धरती के सबसे दुर्लभ धातुओं में से एक बनाता है. आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि जिस 10 ग्राम सोने की कीमत आजकल डेढ़ लाख रु. से ज्यादा है. उसे निकालने के लिए 10 टन चट्टानों की पिसाई करनी पड़ती है.
अगर दुनिया भर का औसत देखें, तो 4 ग्राम सोना प्रति 1 टन चट्टान है. सोने की मात्रा सीधे तौर पर चट्टान की किस्म और गहराई पर निर्भर है. सामान्य तौर पर प्रति टन 5 ग्राम सोना निकलने वाली चट्टानों को अच्छा माना जाता है. बेहतरीन गुणवत्ता वाली चट्टानों से 10 से 15 ग्राम प्रति टन सोना निकलने का भी रिकार्ड है. खदान जितनी गहरी है, उतना ही गोल्ड रॉक्स की ढुलाई मुश्किल होती है. खदान के बाहर गोल्ड रॉक्स को निकालने के बाद महीन पिसाई और उसके बाद छनाई करनी पड़ती है.
इस वक्त सऊदी अरब वाली गोल्ड माइन इसीलिए सुर्खियों में है, क्योंकि यहां प्रति टन दस ग्राम से ज्यादा सोना वाली चट्टाने बेहद कम गहराई पर मिली हैं.

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