बॉलीवुड के परफेक्शनिस्ट माने जाने वाले आमिर खान ने 60 की उम्र में 18 किलो वेट घटा लिया. हाल ही में उन्होंने अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर करते हुए बताया कि इसके लिए उन्होंने कोई जिम, स्ट्रिक्ट या क्रैश डाइट नहीं फॉलो किया है. बल्कि एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट लिया जिससे अपने आप उनका वेट लॉस हो गया. इससे पहले 2024 में विद्या बालन ने इस डाइट को अपने वेट लॉस का सीक्रेट बताया था.
सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज की वेट लॉस स्टोरी खूब वायरल हो रही है. यदि आप लोग भी इससे इंस्पायर होकर ये डाइट शुरू करने कर रहे हैं, तो पहले यहां जान लीजिए कि क्या डाइट आपके लिए काम करेगी भी या नहीं. हमने ये जानने के लिए नोएडा के मेदांता हॉस्पिटल की डायटेटिक्स डिपार्टमेंट की हेड निधि सहायी से बात की.
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट क्या है?
डायटरी एक्सपर्ट बताती हैं कि एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट आपके शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन को कम करने का काम करते हैं. हालांकि इन्फ्लेमेशन खुद एक नार्मल इम्यून रिस्पॉन्स है, लेकिन क्रोनिक इन्फेक्शन इनडाइरेक्ट रूप से मोटापा, इंसुलिन सेंसिटिविटी, कार्डियोवैस्कुलर बीमारी, डायबिटीज, जोड़ों की समस्याओं और यहां तक कि डिप्रेशन जैसी मेंटल डिजीज का कारण बन सकता है
अंदरूनी सूजन बढ़ाने वाले फूड्स
ऐसे असली चीजें जो इन्फ्लेमेशन का कारण बनती हैं उनमें रिफाइंड कार्ब्स से बनी सिंपल शुगर, सॉफ्ट ड्रिंक्स, तला हुआ खाना, पोर्क या रेड मीट, जंक फूड या सुपरमार्केट स्नैक्स, सफेद आटे से बनी ब्रेड-बेस्ड चीजें और हाई ट्रांस-फैट वाले फूड शामिल हैं. साथ ही ज्यादा मात्रा में शराब पीना, बहुत ज्यादा मात्रा में एक्स्ट्रा शुगर खाना और एक्स्ट्रा शुगर वाली कई चीजें खाने से ब्लड और इंसुलिन लेवल बढ़कर शरीर का इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स ट्रिगर होता है, जिससे पेट के हिस्से में फैट जमा होने लगता है.
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में क्या-क्या शामिल होता है?
एक्सपर्ट बताती हैं कि एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में साबुत और कम प्रोसेस्ड फूड सोर्स शामिल होते हैं. साबुत फूड सोर्स में सब्जियां और फल, साबुत अनाज, नट्स, बीज, फलियां, हेल्दी फैट, जैसे ओलिव आयल, और पर्याप्त मात्रा में प्लांट-बेस्ड या लीन एनिमल प्रोटीन शामिल हैं. एंटी-इन्फ्लेमेटरी फूड हार्मोनल रेगुलेशन में मदद करते हैं, हेल्दी गट फंक्शन को बढ़ावा देते हैं, और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे वजन कंट्रोल करना आसान और एक हेल्दी आदत बन जाती है.
सबकी बॉडी अलग-अलग तरीके से रिएक्ट करती है!
जब इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स की बात आती है, तो यह याद रखना जरूरी है कि कई व्यक्तिगत अंतर होते हैं जो इस बात पर असर डालते हैं कि आपका शरीर कैसे रिएक्ट करता है. जेनेटिक्स, गट माइक्रोबायोम, नींद की क्वालिटी, स्ट्रेस लेवल, फिजिकल एक्टिविटी, पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं, ये सभी इस बात में योगदान करते हैं कि आपका इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स कैसे काम करता है. इसलिए, जबकि कोई व्यक्ति किसी खास खाने के पैटर्न से वजन कम कर सकता है, यह दूसरे व्यक्ति में पेट फूलना, थकान या सूजन पैदा कर सकता है.
क्या सबके लिए ये डाइट सेफ है
एक्सपर्ट बताती हैं कि एक आम आदमी जो हेल्थ प्रोफेशनल की मदद के बिना सेलिब्रिटीज की डाइट को कॉपी करने की कोशिश करता है, वह खुद को नुकसान पहुंचा सकता है. वजन कम करने के लिए लेटेस्ट सेलिब्रिटी डाइट को कॉपी करने की कोशिश करने के बजाय, अपने इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स को कम करने का तरीका ढूंढना ज्यादा जरूरी है. साथ ही बैलेंस्ड खाना खाना, पोर्शन कंट्रोल करना, रेगुलर एक्सरसाइज करना, अच्छी नींद लेना और अपने स्ट्रेस लेवल को मैनेज करना भी जरूरी है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

2 hours ago
