Parliament Session LIVE: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर बुधवार को तीखी बहस हुई. अब गृहमंत्री अमित शाह बहस का जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना सामान्य घटना नहीं है. यह अफसोसजनक घटना है. स्पीकर किसी एक दल के नहीं होते. इसी दौरान गृहमंत्री ने विपक्ष को चुनौती दी. उन्होंने कहा, आप चाहें तो प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रसताव लाइए. लेकर तो आइए. लेकिन स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ठीक नहींं.
यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने पेश किया था, जिसे 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला. प्रस्ताव को सदन में पेश करने की अनुमति भाजपा सांसद जगदंबिका पाल, जो उस समय पीठासीन थे, ने दी. उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है और सांसदों से आग्रह किया कि वे चर्चा के दौरान प्रस्ताव के विषय तक ही सीमित रहें.
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, कुछ लोग इस सदन में ‘माइनस ट्रिपल सी’ (-CCC) के साथ प्रवेश करते हैं. कोई सिविक सेंस (नागरिक समझ) नहीं, कोई कॉमन सेंस (सामान्य समझ) नहीं, और कोई संवैधानिक समझ नहीं. जब हम लोकसभा के सदस्य बने थे, तो हमें बताया गया था कि सदन के अंदर कैसा व्यवहार करना चाहिए. लेकिन एक व्यक्ति इन सभी नियमों को तोड़ता है, और वह है प्रोपेगैंडा (दुष्प्रचार) का नेता। यह ‘FOMO गांधी’ हैं। उन्हें सुर्खियों में न रहने का डर सताता है.
विपक्ष की ओर से कुल 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं. उनका आरोप है कि लोकसभा स्पीकर ने अपने पद की निष्पक्षता बनाए रखने के बजाय कई मामलों में सत्तापक्ष के पक्ष में रुख अपनाया है. मंगलवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत होते ही सदन में प्रक्रिया को लेकर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन को पहले किसी ऐसे सदस्य का चुनाव करना चाहिए था जो इस बहस की अध्यक्षता करे. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल में से पीठासीन सदस्य का चयन किस आधार पर किया गया. हालांकि, भाजपा नेताओं ने इन आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष के तर्कों को “निराधार” करार दिया और कहा कि संसदीय प्रक्रिया के तहत ही कार्यवाही चल रही है.
बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं लाया गया है, बल्कि संसद की गरिमा की रक्षा के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव ओम बिरला के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि सदन की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है. गोगोई ने अपने भाषण में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसद की कार्यवाही पर शोध होगा, तो आंकड़े यह दिखाएंगे कि रिजिजू ऐसे संसदीय कार्य मंत्री रहे जिन्होंने विपक्षी सदस्यों को सबसे अधिक बार बीच में रोका. प्रस्ताव में कहा गया है कि लोकसभा स्पीकर ने वह निष्पक्ष रवैया बनाए रखना बंद कर दिया है जो सदन के सभी वर्गों का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है. विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने कई मामलों में विपक्ष के अधिकारों की अनदेखी की और विवादित मुद्दों पर सत्तापक्ष के पक्ष को समर्थन दिया.
Amit Shah Live:1975 में दबाई गई विपक्ष की आवाज: अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह लोग हमारे ऊपर विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कहते हैं लेकिन मैं इनको बताना चाहूंगा कि विपक्ष की आवाज हमने कभी नहीं दबाया विपक्ष की आवाज तो दबाने का काम 1975 में उनके द्वारा किया गया था जिसमें पूरे विपक्ष को जेल में बंद कर दिया गया था.
Amit Shah Live: आप आंदोलनकारी और एक्टिविस्ट हो सकते हैं, लेकिन सदन में नियमों के हिसाब से चलना पड़ेगा: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, किसी के एडवाइजर एक्टिविस्ट हो सकते हैं, किसी के एडवाइजर आंदोलनकारी हो सकते हैं, मगर आंदोलन और एक्टिविस्ट को सदन में सदन के नियमों के अनुसार ही चलना पडे़गा, क्योंकि यहां नियम बनाए गए हैं. मैं बताना चाहता हूं कि आप अधिकार का संरक्षण कर सकते हैं, लेकिन विशेषाधिकार के मुगालते में जो लोग जीते हैं उनको उनकी पार्टी और जनता भी संरक्षण नहीं देती है… इसलिए वो छोटे होते जा रहे हैं.
Amit Shah Live: इसीलिए पार्टी छोटी से छोटी होती जा रही... शाह का कांग्रेस पर हमला
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, असंसदीय शब्दों का लिस्ट जबसे सदन अस्तित्व में आया है तब से बनता चला आया है. विपक्ष को संविधान ने अधिकार दिया है लेकिन विशेषाधिकार नहीं दिया है. इसीलिए जनता भी संरक्षण नहीं दे रही है इसीलिए पार्टी छोटी से छोटी होती जा रही है. पीएम के खिलाफ हटाने का प्रस्ताव लाएं, कोई नहीं रोक सकता. लेकिन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ जब ये प्रस्ताव लाया गया है तो ये अफ़सोसजनक बात है.
शाह ने कहा, इससे पहले भी तीन स्पीकरों के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया लेकिन वो चेयर पर बैठे रहे एकमात्र स्पीकर ओम बिरला ही थे जो मारल ग्राउंड पर चेयर पर नहीं बैठे. पीएम को हटाना है तो साधारण बहुमत चाहिए और अगर स्पीकर को हटाना है तो एफेक्टिव मेजोरिटी चाहिए. ये संविधान ने स्पीकर की इंपार्टेंस के तहत व्यवस्था दी है.
जो प्रस्ताव लाया गया था उसमें तारीख गलत थी, संकल्प गलत था, दूसरा नोटिस विपक्ष ने लाया ..दूसरे नोटिस में सिर्फ गौरव गोगोई के ओरिजिनल साइन थे, बाकी सदस्यों को साइन फ़ोटो कापी थे ये नियम के विपरीत है ..लोकसभा के नियम से सदन चलेगा न कि किसी पार्टी के नियम से
हाई मारल ग्राउंड यही है हमारे स्पीकर ने दो बार विपक्ष की गलती होने के बावजूद उनके नोटिस को रिजेक्ट नहीं किया ..माइक गिरिराज जी का बंद कर दिया जब वो पप्पू यादव के संबंध में बोल रहे थे ..माइक बंद होना ही चाहिए . विपक्ष खुद के प्रस्ताव के लिए भी गंभीर नहीं है क्योंकि जब उनका प्रस्ताव आना था तो उसे बिखेर देने का काम किया.
Amit Shah Live: स्पीकर के निर्णय पर शंका नहीं कर सकते .. अमित शाह
गृहमंत्री ने कहा, जो सदन के नियम नहीं होते उसको सदन में लाया नहीं जा सकता. सदन में नियम के मुताबिक सबको बोलना होता है ..स्पीकर के निर्णय पर शंका नहीं कर सकते ..निर्णय से असहमति हो सकती है लेकिन निर्णय के निष्ठा पर सवाल उठाया जाए तो ये घोर निंदनीय बात है ये बहुत अफ़सोसजनक घटना है. हम भी विपक्ष में बैठे हैं. तीन बार स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया लेकिन बीजेपी विपक्ष में रहते हुए कभी इस गरिमामय पद के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाई. स्पीकर की निष्ठा पर आशंका नहीं करनी चाहिए ऐसा मेरे पार्टी की सोच है.
जो नियम से नहीं बोलेगा, उसका माइक बंद होगा : अमित शाह
Amit Shah Live: गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ सांसद कह रहे थे कि उनका माइक बंद कर दिया जाता है. यह सदन नियमों के हिसाब से चलेगा. जो नियम से नहीं बोलेगा, उसका माइक बंद होगा. माइक बंद हो ही जाना चाहिए.
Amit Shah Live: यह सदन कोई मेला नहीं है; यहां नियमों के अनुसार चलना पड़ता है: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, मैं बताना चाहता हूं कि 75 साल से इन दोनों सदनों ने हमारे लोकतंत्र की नींव को पाताल से भी गहरा किया है, लेकिन आज विपक्ष ने इस साख पर एक प्रकार से सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. सदन आपसी विश्वास से चलता है. पक्ष और विपक्ष—दोनों के लिए सदन के जो स्पीकर होते हैं, वे कस्टोडियन होते हैं. इसलिए नियम बनाए गए हैं. यह सदन कोई मेला नहीं है; यहां नियमों के अनुसार चलना पड़ता है. जो बातें सदन के नियम परमिट नहीं करते, उस तरह से बोलने का किसी को अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो.
Amit Shah Live: शशि थरूर जैसे लोग हैं, क्यों नहीं समझाते: अमित शाह
1. संविधान ने प्रोटेक्शन दिया है कि स्पीकर निर्भीक रूप से काम करे.
2. मैं यहां अभी खड़ा हूं और अगर कहूंगा कि माओवाद समाप्त हो रहा है, ये नहीं बोल सकता है, जो नियम है उसके मुताबिक ही बोलूंगा ..
3. विपक्ष में इतने वरिष्ठ सांसद हैं, शशि थरूर जैसे लोग हैं, क्यों नहीं समझाते, ये इन लोगों को…
4. विपक्ष स्पीकर को क्या असहाय बना देना चाहता है काग़ज़ फेंककर ..ये क्या है सदन में नियम के मुताबिक ही चलना होगा
5. पीएम की चेयर तक सारी महिला सांसद विपक्ष की आई ये क्या है, पीएम की चेयर चेयर होती है.
Amit Shah Live: अधिकार के मुगालते में जो लोग जीते हैं, उन्हें जनता महत्व नहीं देती: अमित शाह का विपक्ष पर हमला
संसद की वेल में आकर स्पीकर पर कागज फेंकना सही है क्या, क्या संसद ऐसे ही चलेगी. पीएम की सीट पर महिला सांसद आ गई थीं. जहां तक कहा गया कि स्पीकर हमारी बात हटा देते हैं तो बता दें कि धारा 380 में स्पीकर को ये अधिकार दिए गए हैं, जो भी गलत और असंसदीय बोला गया है. आप कहते हैं कि हमें महत्व नहीं दिया जाता. तो बता दें कि अधिकार के मुगालते में जो लोग जीते हैं, उन्हें जनता महत्व नहीं देती.
Amit Shah Live: स्पीकर की आलोचना करना ठीक नहीं: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, अध्यक्ष के काम की आलोचना करना ठीक है, लेकिन उनकी मंशा और ईमानदारी पर संदेह व्यक्त करना सरासर अनुचित है.
अध्यक्ष सदन का संरक्षक होता है, लेकिन वह सदन का संचालन निर्धारित नियमों के आधार पर करता है – नियम सभी पर लागू होते हैं.
ये लोकसभा भारत की सबसे बड़ी पंचायत है और जब ऐसा मोशन आया है तो लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर सवाल उठता है ..
Amit Shah Live: हम कभी ऐसा प्रस्ताव लेकर नहीं आए: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, हम लंबे समय तक विपक्ष में रहे, लेकिन हम कभी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर नहीं आए. उच्च परंपराएं इसकी इजाजत नहीं देतीं.
Amit Shah Live: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफ़सोसजनक घटना: अमित शाह
Om Birla No Confidence Motion Live: लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर गृहमंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं. गृहमंत्री ने कहा- 4 दशक बाद स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. ये कोई सामान्य घटना नहीं है संसदीय राजनीति के लिए अफ़सोसजनक घटना है क्योंकि स्पीकर सबके हैं . तेरह घंटे तक इसमें चर्चा थी ओर 42 सांसदों ने इस चर्चा में हिस्सा लिया .. विपक्ष ने स्पीकर पर सवाल उठाया
Om Birla No Confidence Motion Live: गांधी परिवार का वंशवादी विशेषाधिकार उन्हें यह एहसास कराता है कि वे कोई गलती नहीं कर सकते: तेजस्वी सूर्या
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा, मैं इस सदन के संरक्षक (स्पीकर) का समर्थन करना अपना राजनीतिक, संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य मानता हूं. इस तरह के प्रस्ताव का मुख्य कारण कांग्रेस पार्टी, और विशेष रूप से गांधी परिवार की सभी के साथ समान व्यवहार को स्वीकार करने में अक्षमता है. जो लोग वंशवादी विशेषाधिकारों के आदी हैं, उन्हें समानता अन्याय लगेगी. कांग्रेस पार्टी को लगता है कि गांधी परिवार कोई गलती कर ही नहीं सकता.
Om Birla No Confidence Motion Live: यहां कई लोग वेल में कूदने और तैरने के उस्ताद: भर्तृहरि महताब
बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब ने विपक्ष पर करारा हमला किया. उन्होंने कहा, मैं पिछले 28-29 सालों से संसद में हूं, और मैं कभी वेल में नहीं गया. मैं स्पष्ट कहूंगा – मुझे वेल में तैरना नहीं आता. लेकिन यहां कई लोग वेल में कूदने और तैरने के उस्ताद हैं. यह सदन का शिष्टाचार नहीं है. जो सदस्य संसद में नए हैं, उन्हें स्पीकर ओम बिरला की क्लास में शामिल होना चाहिए.
Om Birla No Confidence Motion Live:स्पीकर किसी भी राजनीतिक दल के विरोधी नहीं हैं: कृष्ण प्रसाद तेन्नेती
टीडीपी के नेता कृष्ण प्रसाद तेन्नेती ने कहा कि विपक्ष ने सदन में न केवल स्पीकर (लोकसभा अध्यक्ष) पर, बल्कि सुप्रीम कोर्ट पर भी हमला किया है. तेन्नेती बोले, क्या संसद को बहस और अनुशासन के माध्यम से काम करना चाहिए, या फिर व्यवधान और तमाशे के माध्यम से? संसदीय लोकतंत्र की ताकत निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुव्यवस्थित बहस में शामिल होने, स्थापित प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकार से सवाल पूछने और लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करने वाली इस संस्था की गरिमा को बनाए रखने की क्षमता में निहित है. स्पीकर की भूमिका मुख्य रूप से इन सिद्धांतों की रक्षा करना है. स्पीकर किसी भी राजनीतिक दल के विरोधी नहीं हैं. स्पीकर राजनीतिक व्यवस्था के रक्षक हैं.
Om Birla No Confidence Motion Live: प्रोपेगैंडा नेता सदन के सारे नियम तोड़ते हैं: अनुराग ठाकुर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, कुछ लोग इस सदन में ‘माइनस ट्रिपल सी’ (-CCC) के साथ प्रवेश करते हैं. कोई सिविक सेंस (नागरिक समझ) नहीं, कोई कॉमन सेंस (सामान्य समझ) नहीं, और कोई संवैधानिक समझ नहीं. जब हम लोकसभा के सदस्य बने थे, तो हमें बताया गया था कि सदन के अंदर कैसा व्यवहार करना चाहिए. लेकिन एक व्यक्ति इन सभी नियमों को तोड़ता है, और वह है प्रोपेगैंडा (दुष्प्रचार) का नेता। यह ‘FOMO गांधी’ हैं। उन्हें सुर्खियों में न रहने का डर सताता है.
Om Birla No Confidence Motion Live: हर पार्टी के सदस्य ने ओम बिरला के पक्ष में बात की है: अनुराग ठाकुर
भाजपा के अनुराग सिंह ठाकुर का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला ने सभी को बोलने का मौका दिया है, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों. चाहे कांग्रेस हो या सपा, श्री बिरला ने सभी को बोलने की अनुमति दी. यहां तक कि जिन्हें अपनी पार्टी की ओर से कम अवसर मिले, उन्हें भी ओम बिरला ने बोलने का मौका दिया. हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है, हर सदस्य उनके पक्ष में बात कर रहा है.
Om Birla No Confidence Motion Live: कांग्रेस सांसद स्पीकर को धमकी दे रहे थे: किरेन रिजिजू
किरेन रिजिजू का कहना है कि कांग्रेस सांसदों द्वारा स्पीकर (लोकसभा अध्यक्ष) को धमकी दी जा रही थी, जो बड़ी संख्या में स्पीकर के कक्ष में घुस गए थे और उन्होंने एक अवैध वीडियो जारी किया था. के.सी. वेणुगोपाल जवाब देते हुए कहते हैं कि वह जो भी कहते हैं उसकी जिम्मेदारी लेते हैं. उन्होंने कहा, यह केवल स्पीकर की जिम्मेदारी नहीं है; ऐसा इसलिए भी है क्योंकि प्रधानमंत्री उपस्थित नहीं थे. आपने स्पीकर के पद का एक साधन (टूल) के रूप में इस्तेमाल किया.
Om Birla No Confidence Motion Live: अमेरिका पूरी तरह से भारत को ब्लैकमेल कर रहा: वेणुगोपाल
वेणुगोपाल ने कहा, अमेरिकी अधिकारी यह घोषणा कर रहे हैं कि भारत को 30 दिनों तक रूस से तेल लेने की अनुमति है। क्या यह आत्मसमर्पण नहीं है? भारत ने इस पर एक भी शब्द क्यों नहीं कहा है? हमारे एक भारतीय मंत्री का नाम एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) में है और उन पर इसकी जांच की जा रही है। क्या यह बहस का मुद्दा नहीं है? मूल बात यह है कि भारत ने अपनी संप्रभुता, अखंडता और आर्थिक मामलों को पूरी तरह से अमेरिका को सौंप दिया है. अमेरिका पूरी तरह से भारत को ब्लैकमेल कर रहा है. उन्होंने कहा, यह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का स्पष्ट भाषण था, जिसे अध्यक्ष (चेयर) द्वारा रोक दिया गया था। जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री कहां हैं? वे कल और आज संसद में नहीं आए हैं.
Om Birla No Confidence Motion Live: जब सेना प्रमुख ने राय मांगी, तो पीएम मोदी ने कहा, 'जो आपको ठीक लगे, वो करें': वेणुगोपाल
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, रविशंकर प्रसाद नेता प्रतिपक्ष (LoP) के आचरण के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन यहां प्रधानमंत्री के आचरण को लेकर कुछ बातें हैं. जब बालाकोट की घटना हुई थी, तब पीएम मोदी ने न्यूज़ चैनलों पर बताया था कि बालाकोट की योजनाओं की समीक्षा के दौरान, विशेषज्ञों की राय तारीख बदलने की थी. लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि क्योंकि बादल छाए हुए हैं, इसलिए विशेषज्ञों के मना करने के बावजूद हमें रडार की पकड़ से बचकर हमला करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए. और जब सेना प्रमुख ने राय मांगी, तो पीएम मोदी ने कहा, ‘जो आपको ठीक लगे, वो करें’.
Om Birla No Confidence Motion Live: रविशंकर को बीच में बैठना पड़ा, राहुल गांधी ने रखी अपनी बात
ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव लाइव: लोकसभा में एक बार फिर से सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच टकराव देखने को मिला. राहुल गांधी ने कहा कि वे जब भी बोलने उठते हैं तो उन्हें बोलने ही नहीं दिया जाता है. इस बीच, जब राहुल गांधी जब समय से ज्यादा बोलने लगे तो स्पीकर की चेयर बैठे दिलीप सैकिया ने उन्हें अपनी बात जल्द से जल्द खत्म करने को कहा. इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने फिर से अपनी बात रखी.

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