Ajit Pawar NCP News Live: सुनेत्रा पवार ने कर दिया इनकार तो कौन संभालेगा NCP की कमान? अजित पवार के इस ट्रस्‍टेड 'लेफ्टिनेंट' पर निगाहें

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Last Updated:January 30, 2026, 07:01 IST

Ajit Pawar NCP News Live: एनसीपी चीफ और महाराष्‍ट्र के डिप्‍टी चीफ मिनिस्‍टर अजित पवार के असामयिक निधन के बाद कई सवाल पैदा हो गए हैं. उनमें सबसे अहम एनसीपी के अगले नेता के नाम की है. महाराष्‍ट्र के साथ ही पूरे देश की नजर भी इस बात पर टिकी है कि क्‍या दिवंगत नेता की पत्‍नी सुनेत्रा पवार अब पार्टी की कमान संभालेंगी? पर साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि सुनेत्रा ने इससे इनकार कर दिया तो फिर आगे का रास्‍ता क्‍या होगा?

 सुनेत्रा पवार ने कर दिया इनकार तो कौन संभालेगा NCP की कमान?Ajit Pawar NCP News Live: प्‍लेन क्रैश में अजित पवार के दुखद निधन के बाद NCP के लीडरशिप को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. (फोटो: PTI)

Ajit Pawar NCP News Live: महाराष्ट्र की राजनीति इस समय गहरे शोक और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद न केवल राज्य की सियासत में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, बल्कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेतृत्व को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब एनसीपी की कमान किसके हाथ में होगी और कौन अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएगा. पार्टी सूत्रों की मानें तो NCP के एक बड़े वर्ग की राय है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और विधायका दल का नेता बनाया जाना चाहिए. माना जा रहा है कि इससे न केवल भावनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत भी सुरक्षित रहेगी. हालांकि, तकनीकी और राजनीतिक कारणों से यदि सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी नहीं मिलती है, तो पार्टी में दूसरा सबसे मजबूत नाम प्रफुल्ल पटेल का उभरकर सामने आ रहा है. डिप्‍टी चीफ मिनिस्‍टर और फाइनेंस डिपार्टमेंट को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है. ये दोनों पोर्टफोलियो अजित पवार के पास था.

सूत्रों का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखने के पीछे कई अहम वजह बताई जा रही हैं. पहली वजह उनकी छवि एक कुशल रणनीतिकार और संकटमोचक नेता के तौर पर है. जब भी पार्टी मुश्किल हालात में रही है, पटेल ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाने और समाधान निकालने में अहम भूमिका निभाई है. दूसरी बड़ी वजह उनका दिल्ली से मजबूत संपर्क और राष्ट्रीय राजनीति में गहरी पैठ मानी जा रही है. प्रफुल्ल पटेल ने 2004 से 2011 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में काम किया था. इस दौरान उन्होंने न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया, बल्कि एयर इंडिया के विस्तार की दिशा में भी कई फैसले लिए. उनके काम के लिए उन्हें ‘एविएशन मिनिस्टर ऑफ द ईयर’ और ‘रिफॉर्मर ऑफ द ईयर’ जैसे पुरस्कार भी मिले. इसके अलावा उन्होंने भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली है, जिससे उनकी प्रशासनिक क्षमता और अनुभव का अंदाजा लगाया जा सकता है.

NCP विभाजन के समय क्‍या थी पटेल की भूमिका?

एनसीपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी के विभाजन के समय कानूनी लड़ाई और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों को संभालने में भी प्रफुल्ल पटेल की भूमिका बेहद अहम रही. वह लंबे समय तक शरद पवार के करीबी रणनीतिकार माने जाते रहे हैं और पार्टी के भीतर तथा बाहर दोनों स्तरों पर उनकी पकड़ मजबूत रही है. यही वजह है कि वह शरद पवार के राजनीतिक दांव-पेंच को समझते हुए समय रहते उसका जवाब देने में सक्षम रहे. पटेल की ताकत केवल राजनीति तक सीमित नहीं है. उनका कॉरपोरेट जगत में भी अच्छा प्रभाव माना जाता है. पार्टी के लिए संसाधन जुटाने से लेकर गठबंधन साझेदारों के साथ कठिन बातचीत तक, उन्हें एक कुशल वार्ताकार और मैनेजर के रूप में देखा जाता है. यही कारण है कि एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता उन्हें ऐसे समय में पार्टी की कमान सौंपने के पक्ष में हैं, जब महाराष्ट्र की राजनीति जटिल समीकरणों से गुजर रही है.

लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर

प्रफुल्ल पटेल का राजनीतिक सफर भी काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है. वह चार बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और छह बार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं. उन्होंने 1991, 1996, 1998 और 2009 में भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया, जबकि 2000, 2006, 2014, 2016, 2022 और हाल ही में 2024 में राज्यसभा पहुंचे. इतने लंबे संसदीय अनुभव के चलते उन्हें एक परिपक्व और संतुलित नेता माना जाता है. एनसीपी के भीतर फिलहाल दो तरह की राय सामने आ रही है. एक धड़ा चाहता है कि सुनेत्रा पवार को आगे लाकर पार्टी में भावनात्मक एकजुटता का संदेश दिया जाए, जबकि दूसरा वर्ग मानता है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में केवल एक अनुभवी और रणनीतिकार नेता ही पार्टी को सही दिशा में आगे बढ़ा सकता है और इस भूमिका के लिए प्रफुल्ल पटेल सबसे उपयुक्त हैं. कुछ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का सुझाव भी दिया है, ताकि सरकार और संगठन दोनों में संतुलन बना रहे.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

Mumbai,Maharashtra

First Published :

January 30, 2026, 07:01 IST

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