Last Updated:March 16, 2026, 14:09 IST
8th Pay Commission Salary Hike : सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन पिछले साल ही कर दिया था और अब रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन-भत्ते में बढ़ोतरी पर फैसला लिया जाएगा. एक्सपर्ट का अनुमान है कि पिछले आयोगों की बढ़ोतरी को देखते हुए इस बार 20 से 35 फीसदी तक उछाल आ सकता है. इसे जनवरी, 2026 से ही लागू किया जाएगा और जब भी प्रभाव में आएगा तो वहां तक का एरियर भी कर्मचारियों को मिल सकता है.

नई दिल्ली. जब से 8वें वेतन आयोग का ऐलान हुआ है, हर सरकारी कर्मचारी के मन में एक ही सवाल चल रहा है कि आखिर कितनी सैलरी बढ़ने वाली है. अब तमाम जानकारों ने इसका खुलासा कर दिया है. सरकार ने 8वें वेतन आयोग को 18 महीने में अपनी रिपोर्ट देने का समय दिया है, जिसके बाद सैलरी में बढ़ोतरी से लेकर पेंशन और भत्तों तक की समीक्षा की जाएगी. नया वेतन आयोग 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा, जो 1 जनवरी 2016 को लागू हुआ था. इसकी मियाद अब खत्म हो चुकी है, लिहाजा कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग में एरियर का भी इंतजार है.
इस बीच सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, कर्मचारी संघों और अन्य हितधारकों से भी सुझाव मांगे हैं. इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है, जहां 30 अप्रैल, 2026 तक अपने सुझाव दिए जा सकते हैं. सरकार ने आयोग का गठन तो 3 नवंबर, 2025 को ही किया था जिसे 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है. नया आयोग लागू होने के बाद 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा.
सबसे बड़ा सवाल…कितनी बढ़ेगी सैलरी
फिलहाल सबके मन में यही सवाल है कि कर्मचारियों के वेतन में कितनी वृद्धि होगी. विशेषज्ञों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद वेतन में 20 से 35 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है. अनुमान है कि वेतन संशोधन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच होगा. हालांकि, अंतिम निर्णय देश की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा. कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल के प्रतीक वैद्य ने इस संबंध में कुछ विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय लेते समय महंगाई की प्रवृत्ति, सरकार की वित्तीय स्थिति और भारत के वित्त आयोग की सिफारिशें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
पहले कितना बढ़ा था वेतन
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वेतन आयोगों के कामकाज को देखकर इस बार की बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया जा सकता है. छठे केंद्रीय वेतन आयोग के दौरान औसत वेतन वृद्धि लगभग 40 फीसदी थी. सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का प्रभाव लगभग 23 से 25 फीसदी था. उस समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था. लिहाजा अनुमान है कि इस बार भी वेतन बढ़ोतरी 20 से 35 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है. यह फैसला अगले 12 से 18 वर्षों में महंगाई की स्थिति, 16वें वित्त आयोग के बाद सरकार की वित्तीय स्थिति और कर संग्रह जैसे कारकों पर निर्भर करेगा.
एरियर को लेकर क्या है जवाब
सरकार के सामने 8वें वेतन आयोग के बाद 2 बड़ी चुनौतियां आएंगी. एक ओर तो वेतन में वृद्धि करना ताकि कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से इसका लाभ दिखाई दे और दूसरी ओर भत्तों और महंगाई भत्ते की संरचना में समायोजन करना. सरकार इन दोनों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने के लिए कोई निर्णय ले सकती है. कुल मिलाकर, आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के निर्णय केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं. इस आयोग का प्रभाव न केवल वेतन वृद्धि पर पड़ेगा, बल्कि भविष्य की वित्तीय सुरक्षा पर भी पड़ेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट आने में भले ही देर लगे, लेकिन इसे लागू जनवरी, 2026 से ही किया जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 16, 2026, 14:09 IST

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