809 नहीं... 240000 लोग हुए लापता! दिल्ली पुलिस ने जारी किया पिछले साल का डाटा, कितनों को ढूंढ निकाला?

1 hour ago

Last Updated:February 05, 2026, 15:58 IST

Delhi Police Data on Missing People: दिल्ली पुलिस ने देश की राजधानी से लगातार लापता हो रहे लोगों पर आंकड़े जारी किए हैं. साथ ही बताया कि लोग क्यों और कैसे गायब हो रहे हैं? उनकी तरफ से जारी बयान में ये भी बताया गया है कि दिल्ली पुलिस लापता लोगों को ढूंढने के लिए क्या कर रही है.

809 नहीं... 240000 लोग हुए लापता! दिल्ली पुलिस ने जारी किया पिछले साल का डाटाZoom

पिछले साल दिल्ली से गायब लोगों के आंकड़े दिल दहलाने वाले हैं. एक साल में 2.4 लाख लोग गायब हुए थे. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कइयों को खोज निकाला था और बाकियों की खोज जारी है. (सांकेतिक फोटो)

Delhi Police Data on Missing People: दिल्ली पुलिस लगातार लोगों के लापता होने से हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस की ऑफिशियल डेटा में 2026 के पहले दो हफ़्तों में दिल्ली में 800 से ज़्यादा लोग लापता बताए गए हैं. पीटीआई के मुताबिक, 1 से 15 जनवरी के बीच 800 लोग लापता हुए, जिनमें महिलाएं और लड़कियों की संख्या दो तिहाई से अधिक थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने एक और चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि दिल्ली में पिछले साल यानी कि दिल्ली से 240508 लोग लापता हुए थे. इसमें महिलाओं और लड़कियों की संख्या काफी थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) 15 हजार के करीब लोगों को ढूंढ निकाला था. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ज्यादातर गायब होने के मामले पलायन से जुड़े हैं. वहीं, दिल्ली में 15 से अधिक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (ATHU) काम कर रही है, जो लापता बच्चों को खोजने में कामयाब भी हुई है. हालांकि, उन्होंने इन भयावह आंकड़ों के पीछे की कहानी बताई है.

दिल्ली के नोडल ऑफिसर एसीपी क्राइम सुरेश कुमार ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बात चीत की है. उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने पब्लिक डोमेन पर जो आंकड़ा डाला है, वह ठीक है. लापता हुए आंकड़ों में किडनैपिंग नहीं बल्कि मिसिंग है. 12 से 18 साल तक के उम्र वाले लड़के लड़कियां ज्यादा लापता है जिसमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है. उन्होंने बताया कि री-सेटलमेंट एरिया (Re-Settlement Area) है, जो अनऑथराइज्ड है. इसमें नॉर्थ ईस्ट द्वारका, बवाना, सीलमपुर और बुराड़ी के इलाके ज्यादा है.

2 लाख लोग लापता हुए

दिल्ली पुलिस के आंकड़े के अनुसार, 2025 में कुल 2,40,508 लोग लापता हुए थे. इनमें से 15,421 की ट्रेसिंग सफल हुई. लिंग के आधार पर 15,870 लड़कियां और 9,638 लड़के लापता हुए, जबकि 18 साल से कम उम्र के मामलों में 1,632 लड़के और 4,283 लड़कियां शामिल थीं. 5 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक चलाई गई स्पेशल मिसिंग ड्राइव में पुलिस और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीमों ने विशेष अभियान चलाया, जिसमें 1,500 लापता बच्चों को ट्रेस कर सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया गया. यह ड्राइव बाल तस्करी, अपहरण और अन्य कारणों से लापता बच्चों को ढूंढने में सफल रही.

दिल्ली पुलिस लापता बच्चों की खोज कर रही है.

क्यों गायब हो रहे हैं लोग?

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 12 से 18 साल तक की उम्र के जो लोग लापता है, उसमें सबसे बड़ी संख्या पलायन है. हम इसके लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. दिसंबर में भी अभियान चलाया गया था 800 बच्चों को हमने ढूंढ लिया था. जो आंकड़े मिसिंग के दिखाई दे रहे हैं, वह चिंता का विषय है. लेकिन, सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब बच्चे मिल जाते हैं तो परिवार वाले पुलिस को सूचित नहीं करते हैं. आंकड़ों में स्थिति भयावह दिखाई दे रही है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. कोई सिंडिकेट या नेटवर्किंग एक्टिव नहीं है. सबसे बड़ा कारण पलायन है.

809 में 572 ट्रेस हुए

एसीपी क्राइम सुरेश कुमार ने बताया कि जनवरी 2026 के 15 दिनों का जो आंकड़ा पेश किया है, उसमें से 572 बच्चे ट्रेस हो चुके हैं. बाकी परिवारों से हम कांटेक्ट कर रहे हैं. उन्हें ढूंढने की भी पूरी कोशिश की जारी है. दिल्ली की सभी 15 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) अपना काम कर रही है. उन्होंने आगे बताया कि आउटर नॉर्थ , नॉर्थ ईस्ट साउथ ईस्ट, द्वारका जिलो में सबसे ज्यादा मामले मिसिंग के आए हैं. सुप्रीम कोर्ट की डायरेक्शन के अनुसार हम 24 घंटे के अंदर ही एफआईआर दर्ज करते हैं, इसीलिए आंकड़ा भी बड़ा हुआ दिखाई देता है. कुमार ने बताया कि ज्यादातर अनऑथराइज्ड कॉलोनी में यूपी बंगाल बिहार से आए हुए लोग रहते हैं. जो लोग वहां रहते हैं उनके परिवारों में से ज्यादा लोग लापता है.

जिनके बच्चे मिल गए-

दिल्ली के मुकुंदपुर में रहने वाली सुनीता देवी ने बताया कि उनका 17 साल का बेटा है जो थोड़ा मानसिक तौर पर बीमार है बिना बताए घर से चला गया था लेकिन पुलिस की मदद से उसे ढूंढ लिया गया. दिल्ली के प्रताप बाग में रहने वाले अंजू और अशोक ने बताया कि उनका 14 साल का बेटा अरुण अपनी मर्जी से गया था 5 दिन बाद अपनी मर्जी से आ गया कहना था कि घूमने नहीं भेजते इसलिए गुरुद्वारा चला गया था. बृजलाल दिल्ली के जौनापुर गांव रहने वाले हैं उन्होंने बताया कि 6 जनवरी को तीन बच्चे गायब हुए थे नीरज, अथर्व, सुमित.. जिन्हें पुलिस की मदद से 19 जनवरी 2026 को राजस्थान के पाली से एक फैक्ट्री में चूड़ी बनाने वाली फैक्ट्री से बरामद किया.. तीनों की उम्र 14 साल है सुभाष मोहल्ला नार्थ गोंडा निवासी शाकिर अंसारी बेटा मुबारक अंसारी जिसकी उम्र 8 साल..घर से कुछ सामान लेने के लिए निकल गया था और 22 दिन के बाद अनाथ आश्रम से मिला. जहांगीरपुरी सोनिया बेटा 15 साल का अमन जो बोल नहीं सकता. जुलाई में गायब हुआ था. 5 महीने बाद दिल्ली से ही मिला है.

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें

First Published :

February 05, 2026, 15:54 IST

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