200 KMPH की रफ्तार से दौड़ सकती है देश की पहली प्राइवेट ट्रेन, प्‍लेन जैसी सुविधा, कमाई हो रही या ठन-ठन गोपाल?

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देश की पहली प्राइवेट ट्रेन, प्‍लेन जैसी सुविधा, कमाई हो रही या ठन-ठन गोपाल?

Last Updated:February 22, 2026, 08:51 IST

भारतीय रेल यात्रियों की सुविधाओं में लगातार इजाफा कर रहा है. वंदे भारत जैसी सेमी-हाईस्‍पीड ट्रेन देश के विभिन्‍न रूट्स में चल रही हैं. कुछ दिनों पहले ही इंडियन रेलवे ने वंदे भारत ट्रेन का स्‍लीपर वर्जन लॉन्‍च किया है. दूसरी तरफ, मुंबई से अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलाने की कोशिश तेज है. ऐसे में देश के पहले प्राइवेट ट्रेन को लेकर ए‍क रिपोर्ट सामने आई है.

देश की पहली प्राइवेट ट्रेन, प्‍लेन जैसी सुविधा, कमाई हो रही या ठन-ठन गोपाल?Zoom

भारत के पहले प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्‍सप्रेस की हालत को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है. (फाइल फोटो/PTI)

Tejas Express Train News: भारत की पहली निजी ट्रेन तेजस एक्‍सप्रेस एक बार फिर अपनी यात्री संख्या और रेवेन्‍यू परफॉर्मेंस को लेकर चर्चा में है. प्रीमियम सुविधाओं और आधुनिक तकनीक से लैस यह ट्रेन भारतीय रेलवे नेटवर्क पर यात्रियों के बीच लोकप्रिय साबित हो रही है. वर्ष 2019 में पहली बार शुरू की गई यह सेवा देश में रेलवे क्षेत्र में निजी भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है. इंडियन रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को शुरू किया था. वर्तमान में दो तेजस ट्रेनें ऑपरेट हो रही हैं, जिनका संचालन और रखरखाव Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) द्वारा किया जाता है.

देश की पहली तेजस ट्रेन नई दिल्‍ली (NDLS) और लखनऊ के बीच चलती है, जो देश के सबसे व्यस्त रेल रूट में से एक है. इस सेवा की सफलता के बाद वर्ष 2020 में दूसरी तेजस ट्रेन शुरू की गई, जो अहमदाबाद और मुंबई के बीच यात्रियों को प्रीमियम सेवा प्रदान करती है. तेजस एक्‍सप्रेस ट्रेन के कोच को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ने में सक्षम है. इस ट्रेन में हवाई जहाज जैसी सुविधाएं देने की कोशिश की गई है. तेजस एक्‍सप्रेस में एयर होस्‍टेस की तर्ज पर ट्रेन होस्‍टेस तैनात रहती हैं, जो यात्रियों की हर सुख-सुविधा का ध्‍यान रखती हैं.

यात्री संख्या और कमाई

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, नई दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्‍सप्रेस ने ऑपरेशन शुरू होने के महज एक महीने के भीतर लगभग 7.73 लाख रुपये की ऑपरेशनल इन्‍कम यानी परिचालन आय दर्ज की थी. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान तेजस ट्रेनों ने लगभग 50 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया. पैसेंजर्स ऑक्यूपेंसी के मामले में भी इन ट्रेनों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा. दिल्ली-लखनऊ-दिल्ली तेजस ट्रेन की औसत सीट भराव दर 69 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अहमदाबाद-मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलने वाली तेजस ट्रेन में यह आंकड़ा 109 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो यात्रियों की मजबूत मांग को दर्शाता है.

आधुनिक सुविधाओं से लैस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन

तेजस एक्सप्रेस को सेमी हाई-स्पीड ट्रेन के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें यात्रियों के लिए आधुनिक ऑनबोर्ड सुविधाएं और बेहतर आराम की व्यवस्था उपलब्ध है. इसके कोच Rail Coach Factory Kapurthala में निर्मित किए गए हैं. रेल मंत्रालय के अनुसार, इन कोचों को तकनीकी रूप से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम बनाया गया है. हालांकि, वर्तमान रेल ट्रैक की सीमाओं के कारण इन ट्रेनों का परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाता है. हाई-स्‍पीड कैपेसिटी के लिए स्टील ब्रेक डिस्क, सिंटर्ड पैड और इलेक्ट्रो-न्यूमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसी उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है.

प्रीमियम सुविधाएं

तेजस एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. बेहतर सुविधाओं, तेज गति और मजबूत कमाई के साथ यह सेवा भविष्य में निजी भागीदारी के और अवसर खोल सकती है. यात्रियों की बढ़ती संख्या और आय के आंकड़े इस बात के संकेत हैं कि प्रीमियम रेल सेवाओं की मांग देश में लगातार बढ़ रही है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

February 22, 2026, 08:51 IST

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