राफेल-तेजस और Su-30MKI जैसे जेट के लिए संजीवनी, IAF का 'ड्रीम' प्रोजेक्‍ट

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Last Updated:November 29, 2025, 06:26 IST

Medium Transport Aircraft Deal: दुनिया के तमाम देश मौजूदा हालात को देखते हुए अपने एयर पावर को मजबूत और अपग्रेड करने में जुटे हैं. फाइटर जेट, एयर डिफेंस सिस्‍टम, मिसाइल्‍स, ड्रोन के साथ ही ट्रांसपोर्ट और रीफ्यूलर जेट की भूमिका भी काफी अहम होती है. भारत भी अपनी वायु शक्ति को बढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है. यही वजह है हजारों करोड़ का निवेश किया जा रहा है.

राफेल-तेजस और Su-30MKI जैसे जेट के लिए संजीवनी, IAF का 'ड्रीम' प्रोजेक्‍टMedium Transport Aircraft Deal: इंडियन एयरफोर्स लंबे समय से मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने की कोशिश में जुटा है. (फाइल फोटो/PTI)

Medium Transport Aircraft Deal: पाकिस्‍तान के डिफेंस एक्‍सपर्ट आजकल भारत के एक कदम से दुबले होते जा रहे हैं. 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने और उसका देश में उत्‍पादन करने की प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है. पाकिस्‍तानियों का कहना है कि इससे भारत की वायुसेना और भी ज्‍यादा ताकतवर हो जाएगी और साउथ एशिया में शक्ति असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत ने डिफेंस से जुड़े प्रोजेक्‍ट और डील को रफ्तार दे दिया है. फिर चाहे वो फाइटर जेट का देसी टेक्‍नोलॉजी से देश में ही प्रोडक्‍शन की बात हो या फिर मिसाइल ट्रायल या एयर डिफेंस सिस्‍टम को डेवलप करने की बात हो, भारत सभी प्रोजेक्‍ट को तेजी से अंतिम रूप देने में जुटा है. इन सबके बीच भारत एक और डील पर काम कर रहा है, जो पिछले 3 साल से अटका पड़ा है. इंडियन एयरफोर्स ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को और ताकत देने के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) खरीदना चाहती है. इसके लिए बकायदा हजारों करोड़ रुपये का फंड भी तय किया गया है, पर अभी तक बात नहीं बन सकी है. अब इस डील को भी रफ्तार देने की कवायद शुरू कर दी गई है. MTA स्‍ट्रैटज‍िक लिफ्टिंग के साथ ही मिड-एयर रीफ्यूल‍िंग का काम भी करता है, ऐसे में इसका महत्‍व काफी बढ़ जाता है. चिंता की बात यह है कि फाइटर जेट का बेड़ा स्‍वीकृत क्षमता से कम तो है ही MTA का स्‍क्‍वाड्रन भी काफी कम है.

जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) के लंबे समय से लंबित मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए एयरबस ने अपना A400M एटलस विमान औपचारिक रूप से पेश किया है. कंपनी का दावा है कि यह विमान न सिर्फ एक शक्तिशाली ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मिड-एयर रिफ्यूलर की तरह भी काम कर सकता है. इस दोहरी क्षमता वाली पेशकश के जरिए एयरबस IAF की एयरलिफ्ट और टैंकर—दोनों जरूरतों को एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरा करने का विकल्प दे रहा है. IAF बीते कई सालों से एयरबस के A330 MRTT टैंकर को प्राथमिकता देती रही है, लेकिन इसकी बहुत अधिक कीमत के कारण कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी मिलना बार-बार टलता रहा. इसी बीच एयरबस अब जोरदार तरीके से A400M को बढ़ावा दे रहा है और इसे मल्टी-रोल ट्रांसपोर्टर बताकर बाजार में उतार रहा है.

A400M क्‍यों खास?

63,500 लीटर बेस ईंधन क्षमता अतिरिक्त टैंकों के बाद 50 टन से ज्यादा फ्यूल ऑफलोड क्षमत 2000 लीटर प्रति मिनट की तेज फ्यूल ट्रांसफ राफेल, Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन भरने की क्षमता साथ ही 37 टन तक कार्गो ले जाने, पैराड्रॉप और मेडिवैक मिशन में उपयोग की सुविधा

₹22336 करोड़ से ज्‍यादा का प्रोजेक्‍ट क्‍यों जरूरी?

MTA प्रोग्राम की कीमत 2.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा है, जिसमें 40 से 80 विमान खरीदे जाने हैं. IAF के पास फिलहाल 10 ट्रांसपोर्ट स्क्वाड्रन ही हैं, जबकि मंजूरी 16 की है. ऐसे में नया विमान खरीदने की जरूरत काफी महसूस की जा रही है. A400M को जरूरत पड़ने पर टैंकर में बदला जा सकता है. इसमें सेंटरलाइन होज़ और ड्रम यूनिट लगाकर इसे ‘फ्लाइंग फ्यूल स्टेशन’ में बदला जा सकता है. फ्रांस और ब्रिटेन की वायुसेनाओं ने A400M का सफल टैंकर के रूप में परीक्षण किया है, जो IAF के लिए भरोसा बढ़ाने वाला है. एयरबस का दावा है कि A400M, MRTT की 80% क्षमता सिर्फ 40% लागत में दे सकता है.

भारतीय वायुसेना के पास मौजूदा समय में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट फ्लीट की महज 10 स्‍क्‍वाड्रन ही है, जबकि इसकी संख्‍या 16 होनी चाहिए. (फाइल फोटो/PTI)

कितनी कीमत?

अब सवाल उठता है कि A400M की कीमत कितनी है. ‘इंडिया डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, A400M (टैंकर कॉन्फ़िगरेशन) के एक यूनिट की कीमत लगभग ₹2,800 करोड़ है. वहीं, A330 MRTT के एक यूनिट की कीमत लगभग ₹5,500 करोड़ है. IAF के मौजूदा IL-78 टैंकर रूसी स्पेयर पार्ट्स की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे में विकल्प की जरूरत भी गंभीर है. रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरबस ने MRTT को पूरी तरह नहीं हटाया है. कंपनी अभी भी CCS से बातचीत कर रही है और कम कीमत पर 10–12 MRTT देने के विकल्प तलाश रही है. MRTT का रिकॉर्ड बेहद मजबूत है और यह दुनिया की कई वायुसेनाओं में भरोसेमंद टैंकर माना जाता है.

IAF के लिए कौन महत्‍वपूर्ण?

A400M की मल्‍टीरोल कैपेबिलिटी, कम लागत और लद्दाख जैसे हाई-एल्टीट्यूड एयरफील्ड पर ऑपरेशन की योग्यता इसे IAF के लिए आकर्षक बनाती है. वहीं MRTT क्षमता के लिहाज से बेहतर है, लेकिन महंगा भी है. साल 2026 की पहली तिमाही में ट्रायल होने वाले हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद साल के मध्य तक बड़ा फैसला हो सकता है. पर सवाल यही है कि क्या IAF A400M को चुनेगी या फिर महंगा लेकिन टॉप-क्लास MRTT को खरीदने के लिए ही आगे बढ़ेगा?

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

November 29, 2025, 06:24 IST

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