Trump Autopen Executive Orders Cancellation: हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि जो भी बाइडेन के कार्यकाल में ऑटोपेन मशीन से साइन किया गया आदेश या दस्तावेज था, उसे अब रद्द कर दिया गया है.
ऑटोपेन क्या है?
ऑटोपेन एक ऐसी मशीन है जो किसी के हस्ताक्षर की नकल कर सकती है. यानी, हस्ताक्षर कोड/template सेट करके, कई दस्तावेजों पर वही साइन चिपकाया जा सकता है. अमेरिका में लंबे समय से राष्ट्रपति और उच्च अधिकारियों की सुविधा के लिए ऑटोपेन का इस्तेमाल होता रहा है. ट्रम्प का कहना है कि बाइडेन ने खुद व्यक्तिगत रूप से उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे. उनकी टीम या स्टाफ ने ऑटोपेन से बिना उनकी सीधी अनुमति के साइन कर दिया था.
ट्रम्प की घोषणा, कौन-कौन से आदेश रद्द होंगे?
ट्रम्प ने कहा कि लगभग 92 प्रतिशत दस्तावेज जो बाइडेन के शासनकाल में ऑटोपेन से साइन हुए हैं. वह अब रद्द घोषित कर दिए गए हैं. इसके तहत वे सारे कार्यकारी आदेश, घोषणाएं, अन्य निर्देश या दस्तावेज शामिल होंगे जो ऑटोपेन से साइन्ड थे. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बाइडेन या उसके समर्थक दावा करते हैं कि उन्होंने खुद साइन किया, तो उन पर perjury का मुकदमा हो सकता है.
बहुत से कानूनी विशेषज्ञों और अमेरिका में न्याय-संसद के पूर्व नियमों के अनुसार अगर ऑटोपेन से हस्ताक्षर करने की अनुमती राष्ट्रपति ने दी हो तो ये वैध होते हैं. एक 2005 के सरकारी सुझाव में कहा गया था कि राष्ट्रपति को खुद हर कागज पर साइन करने की जरूरत नहीं है. अगर वे निर्देश दें, तो ऑटोपेन से भी साइन वैध माना जाता है. इसलिए ट्रम्प के दावे और उसके बाद की कार्रवाई पर कानूनी और संवैधानिक बहस शुरू हो चुकी है. कई लोग इसे कानून के दायरे से बाहर बताते हैं.
यह विवाद क्यों शुरू हुआ?
ट्रम्प और उनके समर्थकों का कहना है कि बाइडेन की उम्र व स्वास्थ्य के कारण, वह अपने हस्ताक्षर खुद नहीं कर पा रहे थे. इस भरोसेहीनता ने ऑटोपेन के उपयोग पर सवाल खड़े किए थे. हालांकि, बाइडेन ने पहले इस आरोप को खारिज किया था. उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने आदेश और फैसले खुद लिए थे. ऑटोपेन सिर्फ नाम, प्रशासनिक काम आदि में इस्तेमाल हुआ था. इसके बाद ही डोनाल्ड ट्रम्प की यह घोषणा कि वह ऑटोपेन से साइन हुए सभी आदेश रद्द कर देंगे. ये अमेरिकी राजनीति और कानून जगत में सनसनी बन चुकी है.

1 hour ago
