Russia threatens full ban on WhatsApp: रूस के सरकारी कम्युनिकेशन रेगुलेटर ने शुक्रवार 28 नवंबर को को चेतावनी दी कि अगर व्हाट्सएपरूसी कानून का उल्लंघन करता रहा तो देश में इसे पूरी तरह से बंद किया जा सकता है. अधिकारियों ने अगस्त में कुछ व्हाट्सएप और टेलिग्राम (Telegram) कॉल पर रोक लगाना शुरू किया था. इसके अलावा विदेशी कंपनियों की सर्विस पर धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़ी जांच में कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तरफ से मांगी गई जानकारी देने से मना करने का आरोप लगाया था.
रूस क्या चाहता है?
रोसकोम्नाडजोर (Roskomnadzor) ने शुक्रवार को अपना आरोप दोहराया कि व्हाट्सएप (WhatsApp) आपराधिक गतिविधियों को रोकने और उनसे निपटने के लिए रूसी कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रहा है. वहां के अधिकारियों ने कहा है कि अगर मैसेजिंग सर्विस रूसी कानून की मांगों को पूरा करने में नाकाम रहती है, तो इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाएगा."
व्हाट्सएप का जवाब
व्हाट्सएप ने मॉस्को पर लाखों रूस के नागरिकों को सुरक्षित कम्युनिकेशन एक्सेस करने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. रूसी अधिकारी MAX नाम के एक सरकारी सपोर्टेड कॉम्पिटिटर ऐप को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके बारे में आलोचकों का दावा है कि इसका इस्तेमाल यूजर्स को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है. सरकारी मीडिया ने इन आरोपों को झूठा बताया है.
इन देशों में बैन
व्हाट्सएप कई देशों में पूरी तरह या अस्थायी रूप से बैन हो चुका है. सबसे ज्यादा प्रतिबंध चीन में है, जहां सरकार इंटरनेट कंट्रोल और मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए व्हाट्सएप की एंड-टु-एंड एन्क्रिप्शन सेवाओं को इजाजत नहीं देती. ईरान और सीरिया में भी ऐप पर कई बार बैन लगा है, खासकर सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सूचना नियंत्रण और सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया है. इसके अलावा कतर और यूएई ने लंबे समय तक व्हाट्सएप कॉल फीचर को ब्लॉक रखा क्योंकि ये VoIP नियमों और टेलीकॉम कंपनियों के हितों से टकराता था. कई देशों में राजनीतिक अशांति, गलत सूचना का फैलाव और सरकारी सेंसरशिप के चलते व्हाट्सएप पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाते हैं.

1 hour ago
