Last Updated:November 29, 2025, 14:43 IST
Bihar Politics RJD- Congress Dispute : राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के बयान से संकेत मिल रहा है कि महागठबंधन के भविष्य पर अब सवाल खड़े हो गए हैं. कांग्रेस आलाकमान की समीक्षा बैठक और उसके बाद उठी असंतोष की आवाज ने गठबंधन की नींव हिला दी है. राजनीति के जानकार मानते हैं कि अगर कांग्रेस और RJD के बीच अनबन खुलकर सामने आई तो आने वाले समय में महागठबंधन की टूट संभव है.
बिहार चुनाव हार के बाद महागठबंधन में फूट, राजद-कांग्रेस में विवादपटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन (MGB) को करारी हार का सामना करना पड़ा. राजद, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों को जनता ने फर्श पर ला दिया. नतीजों के बाद जहां विपक्षी खेमे में समीक्षा का दौर चल रहा है, वहीं गठबंधन के घटक दलों के बीच कलह की आग भड़क उठी है. दिल्ली में कांग्रेस की हार समीक्षा बैठक में राजद को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों ने विवाद को भड़का दिया. अब राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कांग्रेस को खरी-खरी सुना दी है, जिससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह गठबंधन टूट की कगार पर पहुंच गया है?
मंगनी लाल का तीखा तंज, ‘सब राजद की बदौलत’
शनिवार को राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, कांग्रेस को जितनी भी सीटों पर विधानसभा चुनाव में जीत और वोट मिले हैं, वह राजद के कारण. कांग्रेस पार्टी अलग राजनीति करना चाहती है तो कर ले, उनको अपनी ताकत का पता चल जाएगा. मंडल ने आगे जोर देकर कहा कि बिहार में राजद का मजबूत जनाधार है जो सहयोगी दलों को फायदा पहुंचाता है. उन्होंने 2020 के चुनाव का जिक्र करते हुए तंज कसा और कहा कि- 2020 में कांग्रेस ने 72 सीटें मांगी थीं, लेकिन 19 पर जीत हुई वह भी राजद की बदौलत. मंडल का यह बयान साफ संकेत देता है कि राजद खुद को गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ मान रहा है और कांग्रेस को ‘हिसाब’ सिखाने का मूड में है.
पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की हार के बाद राजद और कांग्रेस में विवाद तेज, गठबंधन टूटने की आशंका पर चर्चा जारी. तेजस्वी यादव का मंथन जारी है, वहीं मंगनीलाल मंडल के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है.
कांग्रेस का कड़ा पलटवार, ‘ताकत न होती तो साथ क्यों?
मंगनी लाल मंडल के बयान पर कांग्रेस ने तुरंत पलटवार किया. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने कहा, अगर कांग्रेस की कोई ताकत नहीं है तो राजद गठबंधन में साथ क्यों है? तिवारी ने राजद के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हार की जिम्मेदारी सबकी है, न कि सिर्फ एक दल की. वहीं, कांग्रेस के एक अन्य प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने मंडल को निशाने पर लेते हुए कहा, मंडल जी को कुछ कहना है तो महागठबंधन की ऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी यादव से कहें. मीडिया में बयान देने का क्या मतलब है?. साफ है कि कांग्रेस खेमे में गुस्सा साफ दिख रहा है और नेता इसे ‘अपमानजनक’ बता रहे हैं.
बीजेपी का मौका- ‘चुनाव से पहले भी लड़ते थे, अब भी लड़ रहे’
इस बीच, सत्ताधारी बीजेपी ने महागठबंधन की कलह को हथियार बनाया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने तंज कसते हुए कहा, दोनों दल चुनाव से पहले भी आपस में लड़ रहे थे, चुनाव बाद भी लड़ रहे हैं. बीजेपी इसे विपक्ष की कमजोरी के रूप में पेश कर रही है, जबकि सियासी जानकार मानते हैं कि यह तकरार NDA के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. बिहार की सियासत में अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह छोटी-मोटी नोंकझोंक है या गठबंधन टूटने का संकेत?
टूट की आशंका- तेजस्वी याद की बैठक की चर्चा
महागठबंधन के भविष्य पर सस्पेंस बरकरार है. राजद ने शनिवार को तेजस्वी यादव के आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसमें विधानमंडल सत्र की विपक्षी रणनीति पर चर्चा हो रही है. लेकिन, जानकारों का कहना है कि इस बैठक में गठबंधन के आंतरिक विवाद भी प्रमुखता से उठ सकते हैं. अब सवाल है कि मंगनी लाल मंडल का यह बयान कि कोई किसी को बांधकर नहीं रख सकता, महागठबंधन के अंत का आगाज है? बिहार की राजनीति में आगामी दिनों में बड़े उलटफेर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.
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First Published :
November 29, 2025, 14:43 IST

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