भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर हमला:न्यूयॉर्क में इंटरव्यू के दौरान हमलावर ने गर्दन पर चाकू मारा; उपन्यास को लेकर विवादों में रहे

1 month ago

न्यूयॉर्क8 मिनट पहले

कॉपी लिंकवीडियो

भारतीय मूल के ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी पर पश्चिमी न्यूयॉर्क में जानलेवा हमला हुआ है। न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस के मुताबिक सुबह 11 बजे चौटाउक्वा इंस्टीटयूशन में हमलावर तेजी से मंच पर दौड़ा और सलमान रुश्दी और इंटरव्यूअर पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू रुश्दी के गर्दन पर लगी और वह मंच पर ही गिर पड़े। वहीं इंटरव्यूअर के सिर पर भी हल्की चोट आई है।

रुश्दी को एयर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया है। उनकी स्थिति को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी उम्र 25 साल के आसपास बताई जा रही है। हमले की वजह अभी सामने नहीं आई है। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि सलमान जीवित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

33 साल पहले ईरान के धार्मिक नेता ने जारी किया था फतवा सलमान रुश्दी मुस्लिम परम्पराओं पर लिखे उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेस’ को लेकर विवादों में रहे। इसे लेकर ईरान के धार्मिक नेता अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी ने 1989 में उनके खिलाफ फतवा जारी किया था। हमले को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, ईरान के एक डिप्लोमैट ने कहा- हमारा इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है।

घटना के बाद मंच पर मौजूद सोफे और दीवार पर खून के छींटे दिखाई दिए। कार्यक्रम के दौरान ऑडियंस में मौजूद एक डॉक्टर ने बताया कि रुश्दी के शरीर पर कई घाव देखे गए, इनमें एक घाव गर्दन पर भी है।

घटना के बाद मंच पर मौजूद सोफे और दीवार पर खून के छींटे दिखाई दिए। कार्यक्रम के दौरान ऑडियंस में मौजूद एक डॉक्टर ने बताया कि रुश्दी के शरीर पर कई घाव देखे गए, इनमें एक घाव गर्दन पर भी है।

उपन्यास 'सैटेनिक वर्सेस’ में पैगंबर के अपमान का आरोप
रुश्दी का जन्म 19 जून 1947 को मुंबई में हुआ था। 75 साल के सलमान रुश्दी ने अपनी किताबों से दुनिया भर में पहचान बनाई। अपने दूसरे ही उपन्यास ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रेन’ के लिए 1981 में ‘बुकर प्राइज’ और 1983 में ‘बेस्ट ऑफ द बुकर्स’ पुरस्कार से सम्मानित किए गए। रुश्दी ने लेखक के तौर पर शुरुआत 1975 में अपने पहले उपन्यास ‘ग्राइमस’ (Grimus) के साथ की थी।

घायल होने के बाद रुश्दी को अस्पताल ले जाते मेडिकल टीम के सदस्य। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि सलमान जीवित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

घायल होने के बाद रुश्दी को अस्पताल ले जाते मेडिकल टीम के सदस्य। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि सलमान जीवित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

रुश्दी को पहचान उनके दूसरे उपन्यास ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रेन’ से मिली। उन्होंने कई किताबें लिखीं जिसमें द जैगुअर स्माइल, द मूर्स लास्ट साई, द ग्राउंड बिनीथ हर फीट और शालीमार द क्लाउन शामिल हैं, लेकिन रुश्दी सबसे ज्यादा अपनी विवादित किताब ‘द सैटेनिक वर्सेस’ को लेकर चर्चा में रहे।

भारत समेत कई देशों में ‘द सैटेनिक वर्सेस’ बैन
‘द सैटेनिक वर्सेस’ सलमान रुश्दी का चौथा उपन्यास है। भारत और दुनिया के कई देशों में यह उपन्यास बैन है। यह उपन्यास 1988 में प्रकाशित हुआ था, जिस पर पर काफी विवाद हुआ था। इसके लिए रुश्दी पर पैगंबर मोहम्मद के अपमान का आरोप लगाया गया। इस किताब का शीर्षक एक विवादित मुस्लिम परंपरा के बारे में है। इस परंपरा के बारे में रुश्दी ने अपनी किताब में खुल कर लिखा।

रुश्दी ने उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेस’ में एक विवादित मुस्लिम परंपरा के बारे में लिखा है। उपन्यास में पैगंबर मोहम्मद के भी अपमान का आरोप लगाया गया है।

रुश्दी ने उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेस’ में एक विवादित मुस्लिम परंपरा के बारे में लिखा है। उपन्यास में पैगंबर मोहम्मद के भी अपमान का आरोप लगाया गया है।

उपन्यास के कारण हत्या और हमले भी हुए
उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेस’ के जापानी ट्रांसलेटर हितोशी इगाराशी की हत्या कर दी गई थी, जबकि इटैलियन ट्रांसलेटर और नॉर्वे के पब्लिशर पर भी हमले हुए। रुश्दी की तारीफ करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल की महिला लेखक जैनब प्रिया पर भी जानलेवा हमले हुए थे। हमलावरों ने प्रिया के गर्दन पर चाकू रख दी थी और ईंट से चेहरे पर वार किया था। पिछले साल एक इंटरव्यू में रुश्दी से जब पूछा गया कि उनकी जिंदगी अब कैसी चल रही है तो उन्होंने कहा था- जाने दीजिए, मुझे तो अपनी जिंदगी जीना ही है।

पुलिस ने घटना के कुछ ही देर बाद हमलावर (पुलिस ऑफिसर्स के बीच टी-शर्ट में) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने घटना के कुछ ही देर बाद हमलावर (पुलिस ऑफिसर्स के बीच टी-शर्ट में) को गिरफ्तार कर लिया।

रुश्दी के प्रोग्राम में 4 हजार लोग मौजूद थे
रुश्दी जिस हॉल में लेक्चर के लिए पहुंचे थे, वहां करीब चार हजार ऑडियंस मौजूद थे। रुश्दी करीब 10 साल से पुलिस प्रोटेक्शन में थे। 1998 में तब के ईरानी राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी ने कहा- अब हम रूश्दी को कत्ल किए जाने का समर्थन नहीं करते। हालांकि, फतवा फिर भी वापस नहीं लिया गया। रुश्दी ने इस बारे में एक संस्मरण ‘जोसेफ एंटन’ भी लिखा। इसके बाद से रुश्दी न्यूयॉर्क में सुकून की जिंदगी गुजार रहे थे। 2019 में उन्होंने अपने नए उपन्यास क्विहोते लिखा।

हमले के बाद रुश्दी मंच पर गिर पड़े। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया और अस्पताल भेजा। सलमान रुश्दी के प्रोग्राम में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए थे।

हमले के बाद रुश्दी मंच पर गिर पड़े। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया और अस्पताल भेजा। सलमान रुश्दी के प्रोग्राम में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए थे।

चार शादियां रचा चुके हैं रुश्दी
रुश्दी रोमांस को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। वे अब तक 4 शादियां कर चुके हैं और उतनी ही महिलाओं से इश्क भी फरमा चुके हैं। वे जन्म के कुछ समय बाद ही ब्रिटेन चले गए थे। इंग्लैंड के रगबी स्कूल में उन्होंने प्राइमरी की पढ़ाई की। बाद में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में इतिहास की पढ़ाई की। साहित्यकार बनने से पहले रुश्दी ऐड एजेंसियों में कॉपी राइटर का भी काम कर चुके हैं।

एक्स वाइफ पद्मा लक्ष्मी के साथ रुश्दी। लक्ष्मी ने अपने संस्मरण 'लव, लॉस, एंड व्हाट वी एट' में रुश्दी के बारे में खुल कर लिखा है।

एक्स वाइफ पद्मा लक्ष्मी के साथ रुश्दी। लक्ष्मी ने अपने संस्मरण 'लव, लॉस, एंड व्हाट वी एट' में रुश्दी के बारे में खुल कर लिखा है।

चार शादियां: पहली 46 साल पहले, चौथा तलाक 15 साल पहले
क्लेरिसा लॉर्ड: शादी 1976, तलाक 1987, मैरियाने विगिन्स: शादी 1988, तलाक 1993, एलिजाबेथ वेस्ट: शादी 1997, तलाक 2004, पद्मा लक्ष्मी: शादी 2004, तलाक 2007। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री रिया सेन के साथ भी उनकी अफेयर की खबरें रहीं।

तसलीमा नसरीन ने कहा- चिंतित हूं
मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा कि मुझे अभी पता चला कि न्यूयॉर्क में सलमान रुश्दी पर हमला हुआ है। मैं सचमुच स्तब्ध हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। यदि उन पर हमला हो जाता है, तो इस्लाम की आलोचना करने वाले किसी भी व्यक्ति पर हमला किया जा सकता है। मैं चिंतित हूं।

स्टीफन किंग और अमिताभ घोष ने जताई चिंता
अमेरिकी लेखक स्टीफन किंग ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- मुझे उम्मीद है कि सलमान रुश्दी ठीक हैं। वहीं, भारतीय लेखक अमिताभ घोष ने लिखा- न्यूयॉर्क में एक भाषण कार्यक्रम में सलमान रुश्दी पर हमला किया गया है। मैं यह सुनकर डर गया हूं। उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।

Read Full Article at Source