'तांडव' पर विवाद:अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की, कहा- देवी-देवताओं का गलत चित्रण को सही नहीं

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OTT प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो की कंटेंट हेड अपर्णा पुरोहित को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। वेब सीरीज 'तांडव' के खिलाफ चल रही जांच में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। वेब सीरीज, पुरोहित व अन्य के खिलाफ यूपी पुलिस ने लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज की गई थी। उन पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगा है।

'देवी-देवताओं के गलत चित्रण को सही नहीं ठहराया जा सकता'
जस्टिस सिद्धार्थ ने अपने फैसले में कहा कि देवी-देवताओं के गलत चित्रण को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने विदेशों का उदाहरण दिया और कहा कि वहां के फिल्ममेकर्स हजरत मोहम्मद या ईसा मसीह को गलत तरीके से दिखाने से बचते हैं। जबकि हिंदी फिल्ममेकर्स लगातार हिंदू देवी-देवताओं को गलत तरीके से दिखाए जा रहे हैं।

जस्टिस ने बताया आखिर क्यों नहीं मिल सकती अग्रिम जमानत
जस्टिस ने अग्रिम जमानत याचीका खारिज करते हुए कहा कि इसके लिए पहली शर्त जांच में सहयोग देना होता है। जबकि याचिकाकर्ता इस केस में दूसरी बेंच से रियायत मिलने के बावजूद जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। याचिकाकर्ता के व्यवहार से साफ पता चलता है कि वे कानून का सम्मान नहीं करना चाहतीं।

जस्टिस सिद्धार्थ ने इस दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की गिरफ्तारी का उल्लेख किया और कहा, "इस तरह के लोग बेशर्मी के साथ देश के उदार और सहिष्णु परंपरा का फायदा उठाते हुए बहुसंख्यक समुदाय के धर्म के देवताओं को पैसा कमाने का साधन बनाते हैं।" जस्टिस सिद्धार्थ के मुताबिक ऐसे लोगों को गिरफ्तारी से सुरक्षा का हक नहीं है।

याचिकाकर्ता ने कहा था- सीरीज काल्पनिक है
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उनकी सीरीज की कहानी काल्पनिक है और इसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है। जवाब में राज्य सरकार के वकील ने 10 FIR और 4 आपराधिक शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि ये इस बात का सबूत हैं कि लोग सीरीज से प्रभावित हुए हैं।

18 जनवरी को दर्ज हुई थी FIR
18 जनवरी को इंस्पेक्टर अमरनाथ वर्मा की तहरीर पर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज की गई थी। इसमें अपर्णा पुरोहित, 'तांडव' के डायरेक्टर अली अब्बास जफर, प्रोड्यूसर हिमांशु कृष्ण मेहरा, राइटर गौरव सोलंकी और एक अन्य शख्स पर विद्वैष और अशांति फैलाने जैसी धाराओं के तहत आरोप लगे थे। पुरोहित ने कोतवाली पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया था। पुलिस ने उनसे 100 सवाल पूछे थे, लेकिन वे सिर्फ 12 के जवाब दे पाई थीं। बाकी सवालों के जवाब में उन्होंने पता नहीं, डायरेक्टर से पूछिए जैसे जवाब दिए थे।

जनवरी में रिलीज हुई थी वेब सीरीज
लखनऊ के साथ-साथ नोएडा और शाहजहांपुर में भी सीरीज के खिलाफ FIR हुई थी। सैफ अली खान, मोहम्मद जीशान अयूब और डिंपल कपाड़िया स्टारर यह वेब सीरीज जनवरी में अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। सीरीज के कई सीन्स में हिंदू-देवी देवताओं के अपमान, पुलिस की गलत छवि दिखाने और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा से खिलवाड़ के आरोप लगे थे।

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